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चलती गाड़ी रोक दे रहा ये Chinese Apps ! आपकी इलेक्ट्रिक कार भी हो सकती है हैक? जानिए कैसे बचें

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On July 2, 2026
1 min read 1.2k views
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सोशल मीडिया पर इन दिनों कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें राह चलते लोग अपने स्मार्टफोन के जरिए सड़क पर दौड़ते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद कर देते हैं. इस पूरे खेल के पीछे ‘BAT-BMS’ नाम का एक मोबाइल ऐप्लिकेशन है, जो चंद सेकेंड्स में चलती हुई गाड़ियों की बिजली गुल कर देता है. पहली नजर में ये कोई जादुई हैकिंग या मॉडर्न तकनीक का चमत्कार लग सकता है, लेकिन असलियत में ये गाड़ियों की सेफ्टी में एक बेहद गंभीर और खतरनाक चूक है.

ये महज एक इंटरनेट प्रैंक नहीं है, बल्कि भारतीय सड़कों पर किसी बड़े हादसे को न्योता देने वाली गैर-जिम्मेदाराना हरकत है. आइए जानते हैं कि ये ऐप असल में कैसे काम करता है, इसके कानूनी और एथिकल पहलू क्या हैं और इस तरह की डिजिटल हैकिंग से कैसे बचा जा सकता है. साथ ही ये भी जानेंगे कि ऐसे ऐप से क्या आपकी इलेक्ट्रिक कार को भी कोई रोक सकता है?

BAT-BMS ऐप क्या है और इससे रिक्शा कैसे स्टॉप होता है?

सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि ‘BAT-BMS’ (Battery Management System) कोई हैकिंग टूल या अन-एथिकल ऐप नहीं है. इसे चीनी कंपनी Shenzhen Grenergy Technology द्वारा बनाया गया है और ये गूगल प्ले स्टोर पर वैध रूप से उपलब्ध है. आइए इस ऐप के बारे में जानते हैं-

  • ऐप का असली मकसद: इस ऐप को इसलिए बनाया गया है ताकि लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी के मालिक ब्लूटूथ के जरिए अपनी बैटरी की हेल्थ, वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग साइकिल और करंट को ट्रैक कर सकें.
  • बैटरी डिस्चार्ज बंद करने का फीचर: ऐप में एक फीचर होता है जिसकी मदद से यूजर सुरक्षा कारणों से बैटरी के Discharge (पावर सप्लाई) फंक्शन को ऑन या ऑफ कर सकता है.
  • कमजोरी का फायदा: भारतीय बाजार में चल रहे कई सस्ते ई-रिक्शा और लो-स्पीड स्कूटर्स में जो ब्लूटूथ-इनेबल्ड BMS यूनिट्स इस्तेमाल हो रही हैं, उनमें कंपनियां कोई पासवर्ड या सिक्योरिटी लॉक नहीं लगाती हैं.
  • 10-15 मीटर की रेंज: जब कोई प्रैंक करने वाला व्यक्ति इस ऐप को खोलता है, तो उसे 10 से 15 मीटर के दायरे में मौजूद अनसिक्योर्ड (बिना पासवर्ड वाली) गाड़ियां दिखाई देने लगती हैं. जैसे ही वह ऐप से रिक्शा की बैटरी को कनेक्ट करके ‘Discharge’ बटन बंद करता है, मोटर को मिलने वाली बिजली तुरंत कट जाती है और गाड़ी बीच सड़क पर खड़ी हो जाती है.

क्या ये एथिकल है या अन-एथिकल?

ये पूरी तरह से अन-एथिकल और कानूनन अवैध है. भले ही सोशल मीडिया पर इसे मजेदार प्रैंक या रील्स बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा हो, लेकिन इसके परिणाम बेहद घातक हो सकते हैं.

अगर कोई ई-रिक्शा या स्कूटर किसी बिज़ी चौराहे, फ्लाईओवर या तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच अचानक बंद हो जाता है, तो पीछे से आने वाले वाहन उससे टकरा सकते हैं. इससे चालक, उसमें बैठी सवारियों और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को सीधा खतरा होगा. किसी की संपत्ति या वाहन को उसकी मर्जी के बिना रिमोटली कंट्रोल करना साइबर क्राइम माना जा सकता है.

क्या इलेक्ट्रिक कार को भी रोका जा सकता है?

आम जनता और ईवी मालिकों के मन में ये सबसे बड़ा डर है कि क्या इसी तरह उनकी महंगी इलेक्ट्रिक कारों को भी बीच सड़क पर रोका जा सकता है? तो इसका सीधा जवाब है- नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता. इलेक्ट्रिक कारों में सिक्योरिटी काफी अच्छी होती है.

इनके इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम (ECU) और बैटरी पैक तक पहुंचने के लिए ऑटोमोटिव-ग्रेड साइबर सिक्योरिटी और फायरवॉल होते हैं. इसलिए किसी साधारण ब्लूटूथ ऐप से कार को हैक या बंद करना नामुमकिन है.

लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर कैसे रोके जा रहे हैं?

ई-रिक्शा की ही तरह बाजार में मिलने वाले कई लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर्स भी इस प्रैंक का शिकार बन रहे हैं. इन स्कूटर्स में लागत कम रखने के लिए बेहद सस्ते और जेनेरिक चीनी लिथियम बैटरी पैक्स का इस्तेमाल किया जाता है. इन बैटरियों के स्मार्ट BMS में ब्लूटूथ तो दे दिया जाता है, लेकिन उनकी सेफ्टी सेटिंग्स को ओपन छोड़ दिया जाता है. प्रैंक करने वाले लोग इन स्कूटर्स के पीछे या बगल में आकर ऐप के जरिए इनके BMS से जुड़ जाते हैं और चलते स्कूटर की पावर सप्लाई बंद कर देते हैं.

इस डिजिटल प्रैंक और हैकिंग से बचने के उपाय

अगर आप एक ई-रिक्शा चालक हैं या आपके पास ब्लूटूथ वाली लिथियम बैटरी वाला स्कूटर है, तो आप इन तरीकों से खुद को सेफ रख सकते हैं-

BMS का पासवर्ड बदलें: सबसे पहला और जरूरी काम यह करें कि अपनी बैटरी के ऑफिशियल ऐप को डाउनलोड करें और उसके ब्लूटूथ सेटिंग्स में जाकर डिफॉल्ट पासवर्ड (जैसे 1234 या 0000) को बदलकर एक मजबूत पासवर्ड सेट करें.

ब्लूटूथ विजिबिलिटी बंद करें: अगर आपके BMS ऐप में विकल्प है, तो बैटरी के ब्लूटूथ ब्रॉडकास्ट या विजिबिलिटी को ‘हिडेन’ मोड पर डाल दें, ताकि वे किसी अनजान फोन में दिखाई न दे.

मैकेनिकल बाईपास/स्विच: अगर आपका व्हीकल बार-बार बंद हो रहा है, तो किसी अच्छे मैकेनिक या डीलर के पास जाकर बैटरी के ब्लूटूथ मॉड्यूल को तब तक के लिए डिसेबल (बंद) करवा दें जब तक कंपनी कोई सिक्योरिटी अपडेट नहीं देती.

शिकायत दर्ज करें: अगर कोई आपके साथ बीच सड़क पर ऐसा करता हुआ पकड़ा जाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में इसकी शिकायत करें, क्योंकि ये सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।