Blood Pressure Monitoring: आपको पता है अपना बीपी नंबर? जानें घर पर ब्लड प्रेशर चेक करने का सही तरीका और एक्सपर्ट्स की राय

सतीश कुमार
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How Often Should You Check Blood Pressure At Home: हाई ब्लड प्रेशर आज की सबसे गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. यही वजह है कि इसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर, किडनी डिजीज और यहां तक कि डिमेंशिया का भी बड़ा कारण माना जाता है. एक्सपर्ट्स इसलिए बार-बार कहते हैं कि हर व्यक्ति को अपने “बीपी नंबर” जरूर पता होने चाहिए’. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को नॉर्मल ब्लड प्रेशर माना जाता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग आधे एडल्ट का बीपी इससे ज्यादा रहता है और उन्हें इसका अंदाजा तक नहीं होता. इसी कारण घर पर नियमित ब्लड प्रेशर चेक करना सेहत की देखभाल का अहम हिस्सा बन गया है.

कितनी बार ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए?

Daniel W. Jones,अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एमडी का कहना है कि जिन लोगों को पहले से हाई बीपी की समस्या है, उन्हें हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार ब्लड प्रेशर मापना चाहिए. इसके साथ ही, इन रीडिंग्स को लिखकर या मोबाइल में रिकॉर्ड करना भी जरूरी है, अगर बार-बार रीडिंग 130/80 mmHg से ऊपर आ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. कुछ खास स्थितियों में डॉक्टर रोजाना बीपी चेक करने की सलाह भी दे सकते हैं.

घर पर मापा गया बीपी क्यों ज्यादा भरोसेमंद होता है?

डॉक्टरों का कहना है कि घर पर लिया गया ब्लड प्रेशर अक्सर ज्यादा सटीक होता है. कई लोगों का बीपी अस्पताल या क्लिनिक में घबराहट की वजह से बढ़ जाता है, जिसे “व्हाइट कोट इफेक्ट” कहा जाता है. घर पर शांत माहौल में ली गई रीडिंग्स शरीर की असली स्थिति को बेहतर तरीके से दिखाती हैं.

सही मशीन का चुनाव जरूरी

हर ब्लड प्रेशर मशीन भरोसेमंद नहीं होती. इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि मान्यता प्राप्त और जांची हुई मशीन का ही इस्तेमाल करें. नई मशीन लेने के बाद उसे कभी-कभी डॉक्टर के पास ले जाकर ऑफिस की मशीन से तुलना करवाना भी अच्छा होता है, ताकि रीडिंग में फर्क न हो.

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर ब्लड प्रेशर अचानक 180/120 mmHg या उससे ज्यादा पहुंच जाए, तो यह मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है. ऐसी स्थिति में सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर या घबराहट जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क करना चाहिए.

छोटे बदलाव भी होते हैं अहम

अगर बीपी एक-दो दिन के लिए सामान्य से थोड़ा ऊपर या नीचे जाए, तो रोजाना कुछ दिन मापते रहें और फिर डॉक्टर से सलाह लें. समय रहते बदलाव पकड़ में आ जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.