BPCL से लेकर Indian Oil… वेनेजुएला से बेधड़क क्रूड खरीद रहीं भारतीय रिफाइनरीज, RIL को मिला लाइसेंस

सतीश कुमार
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Crude Oil Import: भारत की सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्प (BPCL) और प्राइवेट रिफाइनर HPCL मित्तल एनर्जी लिमिटेड (HMEL) ने वेनेजुएला से 10 लाख बैरल क्रूड ऑयल खरीदा है. यह BPCL की पहली और HMEL की दो साल में पहली खरीद है. यह खरीद ट्रेडर कंपनी Vitol के जरिए हुई है. कंपनी के साथ तेल की खरीद को लेकर हुई डील के तहत अप्रैल तक भारत का वेनेज़ुएला से तेल इंपोर्ट कम से कम 60 लाख बैरल तक पहुंच जाएगा.

शिपिंग कॉस्ट कम करने के लिए अपनाया ये पैंतरा

शिपिंग कॉस्ट में कमी लाने के लिए दोनों कंपनियों ने हेवी क्रूड ऑयल को पहले एक ही बड़े जहाज पर लोड करने का प्लान बनाया.  BPCL अपना हिस्सा केरल में अपनी कोच्चि रिफाइनरी और गुजरात में बीना रिफाइनरी के बीच बांटेगी, जबकि HMEL अपना हिस्सा मुंद्रा पोर्ट के जरिए उत्तर भारत में अपनी बठिंडा रिफाइनरी में प्रोसेस करेगी.

रूस पर कम हो रही निर्भरता

वेनेजुएला से तेल की यह खरीद एक ऐसे समय में हो रही है, जब भारतीय रिफाइनरीज रूस से इंपोर्ट कम करने के लिए क्रूड ऑयल की सप्लाई के लिए दूसरे सोर्सेज का रूख कर रहे हैं. इनकी ही तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल कॉर्प और HPCL जैसी दूसरी भारतीय कंपनियों ने पहले दुबई क्रूड बेंचमार्क से 6.5-7 डॉलर कम कीमत पर वेनेज़ुएला का क्रूड ऑयल खरीदा.

वेनेजुएला में तेल कंपनियां विटोल और ट्रैफिगुरा जनवरी से US लाइसेंस के तहत वेनेज़ुएला के तेल की बिक्री संभाल रही हैं, जो वेनेज़ुएला और अमेरिका के बीच एक एग्रीमेंट का हिस्सा है. कुछ समय पहले रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में वेनेजुएला से क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर अमेरिका के रिलायसं इंडस्ट्रीज (RIL) को लाइसेंस दिए जाने का भी खुलासा हुआ था. इसके चलते कंपनी बिना किसी रोकटोक के वेनेजुएला से सीधे क्रूड ऑयल खरीद सकेगी. अभी फरवरी महीने की शुरुआत में ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ट्रेडर विटोल से 20 लाख बैरल क्रूड खरीदा. कुल मिलाकर वेनेजुएला से भारत के लिए तेल की सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ रही है.  

भारत को दूसरे सोर्सेज की तलाश 

मुंबई में ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन समिट में बीते बुधवार को कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत क्रूड ऑयल और कोकिंग कोल के अपने सोर्स को डायवर्सिफाई करना चाहता है और US के साथ ट्रेड डील इस कोशिश में मदद करेगी.

उन्होंने कहा, ”भारत कोकिंग कोल के लिए 2-3 जगहों पर डिपेंडेंट है और कीमतें ऊपर-नीचे होती रहती हैं. हमें अमेरिकन कोकिंग कोल चाहिए जो हाई क्वालिटी का हो.”

बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने भारत पर पहले रूस से तेल की खरीद को लेकर पेनाल्टी के तौर पर लगाए गए 25 परसेंट टैरिफ को हटा दिया है. इसके अलावा, बाकी लगाए गए 25 परसेंट टैरिफ को भी कम कर 18 परसेंट कर दिया है. यूक्रेन में लड़ाई शुरू होने के दरमियान भारत ने रूस से तेल खरीदना बढ़ा दिया था. अप्रैल-दिसंबर में कच्चे तेल के इंपोर्ट में रूस का हिस्सा 31 परसेंट था. अमेरिका चाहता था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे ताकि लड़ाई खत्म करने के लिए रूस पर बातचीत का दबाव बनाया जा सके. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.