Can Diabetes Medication Be Stopped: क्या कभी नहीं बंद हो सकती डायबिटीज की दवा, क्या है सच?

सतीश कुमार
4 Min Read


What Happens If You Stop Diabetes Medication: डायबिटीज संभालना आसान नहीं है. रोज़ ब्लड शुगर चेक करना, खानपान कंट्रोल रखना, एक्टिव रहना और समय पर दवा लेना, ये सब लगातार अनुशासन मांगते हैं. ऐसे में कई बार लोग अचानक दवा बंद करने का फैसला कर लेते हैं. वजह अलग-अलग हो सकती है, इसमें “शुगर नॉर्मल” दिख रही है, रोज गोली खाने से थकान हो गई है, दवा के साइड इफेक्ट का डर है या किसी ने कह दिया कि हर्बल इलाज ज्यादा बेहतर है शामिल होते हैं.

लेकिन सच यह है कि डायबिटीज की दवा अचानक बंद करना सुरक्षित नहीं है. डायबिटीज एक लंबी अवधि की बीमारी है, जो लगातार कंट्रोल मांगती है. अगर शुगर लेवल ठीक दिख रहा है, तो अक्सर इसका मतलब यह है कि दवा काम कर रही है, बीमारी खत्म नहीं हुई है. 

दवा अचानक बंद करने से क्या होती है दिक्कत?

 हेल्थ मामलों में जानकारी देने वाली फार्मा बेवसाइट healingpharma की रिपोर्ट के अनुसार,  दवा अचानक बंद करते ही ब्लड शुगर कुछ घंटों या दिनों में तेजी से बढ़ सकता है. इसे हाइपरग्लाइसीमिया कहते हैं. इसके लक्षण हो सकते हैं, बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, धुंधला दिखना, थकान, चक्कर, घाव देर से भरना और हाथ-पैरों में झनझनाहट. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर और जानलेवा दिक्कत में बदल सकता है.

किस डायबिटीज में दवा बंद करना कितना खतरनाक?

टाइप 1 डायबिटीज में अचानक इंसुलिन बंद करना और भी खतरनाक है. इससे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो सकता है, जिसमें शरीर ग्लूकोज की जगह फैट जलाने लगता है और खून में कीटोन नामक एसिड बढ़ जाते हैं. तेज सांस चलना, उल्टी, पेट दर्द, सांस में मीठी गंध, भ्रम या अत्यधिक थकान इसके संकेत हैं. समय पर इलाज न मिले तो कोमा या मौत तक हो सकती है.

लंबे समय तक अनकंट्रोल शुगर किडनी फेल्योर, नसों को नुकसान, आंखों की रोशनी कम होना, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकती है. कभी-कभी दवा “कभी-कभी” छोड़ना भी नुकसानदेह है, क्योंकि इससे शुगर में खतरनाक उतार-चढ़ाव होता है और डॉक्टर के लिए सही इलाज तय करना मुश्किल हो जाता है. अनरेगुलर से दवा का असर भी कम पड़ सकता है, जिससे आगे चलकर ज्यादा डोज़ की जरूरत पड़ सकती है.

तो क्या दवा कभी कम या बंद नहीं हो सकती? 

 healingpharma की रिपोर्ट बताते है कि  कुछ मामलों में, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के शुरुआती चरण में, वजन घटाने, संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से दवा की जरूरत कम हो सकती है. लेकिन यह केवल डॉक्टर की निगरानी में, नियमित मॉनिटरिंग के साथ ही संभव है. अगर  HbA1c लंबे समय तक कंट्रोल में रहता है,तो डॉक्टर इसके बारे में सोचते हैं. इसलिए अगर आप दवा में बदलाव सोच रहे हैं, तो पहले डॉक्टर से बात करें, शुगर की नियमित रिकॉर्डिंग रखें, संतुलित भोजन लें, पर्याप्त पानी पिएं और दवा नियमित रूप से लेते रहें. हमेशा एक चीज याद रखें किडायबिटीज मैनेज की जा सकती है, लेकिन खुद से प्रयोग करना खतरनाक हो सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.