Car Driving Tips: देश और दुनिया में होने वाले कार एक्सीडेंट का सबसे कारण नींद मे गाड़ी चलाना है. कार ड्राइव करते समय नींद आ जाना दुनिया भर में सड़क हादसों की एक प्रमुख वजह है. भारत में लंबी दूरी की यात्राओं, खासकर हाईवे पर रात में ड्राइविंग के दौरान ये समस्या बहुत आम है.
हालांकि, अच्छी बात ये है कि कुछ आसान और प्रभावी तरीकों से आप इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं. यहां हम 5 सबसे कारगर तरीके बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप गाड़ी चलाते समय नींद से बच सकते हैं. ये टिप्स और ट्रिक्स वैज्ञानिक रूप से सिद्ध और भारतीय ड्राइवरों द्वारा रोजमर्रा में इस्तेमाल किए जाते हैं.
1. ट्रिप से पहले पूरी नींद लें
सबसे महत्वपूर्ण और बेसिक तरीका यही है. अगर आप रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो दिन में या लंबी ड्राइव के दौरान नींद आने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि 17-18 घंटे जागे रहने पर आपका रिएक्शन टाइम शराब के नशे जितना धीमा हो जाता है.
इससे बचने के लिए लंबी यात्रा से एक रात पहले अच्छे से सोएं. अगर रात में ड्राइव करनी है, तो दिन में 1-2 घंटे की झपकी ले लें. यात्रा प्लान करते समय नींद का समय भी तय करें. जैसे कि रात 10 बजे के बाद ड्राइव न करें अगर नींद पूरी न हुई हो. ये एकमात्र तरीका है, जो नींद की जड़ को ही खत्म करता है.
2. हर 2 घंटे में ब्रेक लें
लगातार 2 घंटे से ज्यादा ड्राइविंग करने पर दिमाग थक जाता है और माइक्रो-स्लीप (2-3 सेकंड की झपकी) आने लगती है, जो बहुत खतरनाक होती है. इससे बचने के लिए हर 100-150 किलोमीटर या 2 घंटे बाद गाड़ी साइड में पार्क करें. बाहर निकलकर 5-10 मिनट टहलें, कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें, चेहरा ठंडे पानी से धोएं, आंखों पर पानी के छींटे मारें. इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और नींद भागती है.
3. कार में ठंडक बनाए रखें
गर्म कार में नींद जल्दी आती है क्योंकि शरीर रिलैक्स हो जाता है. AC को हल्का ठंडा रखें (22-24 डिग्री) और हवा का फ्लो चेहरे पर डायरेक्ट करें. साथ ही तेज, upbeat म्यूजिक चलाएं. पुराने बॉलीवुड गाने, रॉक या अपनी पसंदीदा प्लेलिस्ट चुनें. विंडो थोड़ी खोलकर बाहर की ठंडी हवा भी ले सकते हैं, इससे आंखें खुली रहती हैं.
4. हल्का नाश्ता करें, भारी भोजन से बचें
पेट भरकर खाना खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और फिर नींद आने लगती है. ड्राइविंग से पहले भारी खाना (पराठा, बिरयानी आदि) न खाएं. इसके बजाय हल्के स्नैक्स जैसे नट्स (बादाम, काजू), फल (सेब, केला), चॉकलेट या एनर्जी बार रखें. कैफीन युक्त ड्रिंक (कॉफी, ग्रीन टी) थोड़ी-थोड़ी देर में लें. पानी ज्यादा पीते रहें, डिहाइड्रेशन भी नींद बढ़ाता है.
5. नींद आने के संकेत मिलते ही गाड़ी रोकें
कभी जबरदस्ती न चलाएं. अगर आंखें भारी हो रही हैं, बार-बार जम्हाई आ रही है. लेन से ड्रिफ्ट हो रही है या ध्यान भटक रहा है. ये माइक्रो स्लीप के संकेत हैं. इन संकेतों को नजरअंदाज न करें. सबसे सुरक्षित तरीका है तुरंत सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और 15-20 मिनट की पावर नैप लें. नींद से लड़ने की कोशिश करने से हादसा हो सकता है.
इन 5 तरीकों को अपनाने से आप न सिर्फ खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि परिवार और सड़क पर अन्य लोगों की जान भी बचा सकेंगे. अगर लंबी यात्रा है तो प्लान पहले से बनाएं, साथी ड्राइवर रखें और ऊपर बताए टिप्स फॉलो करें. सुरक्षित यात्रा करें, चाहें समय थोड़ा ज्यादा ही क्यों न लग जाए.

