CT Scan Vs X Ray: सीटी स्कैन और एक्सरे में क्या होता है अंतर, किस बीमारी में कौन-सा कराना जरूरी?

सतीश कुमार
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Difference Between CT Scan And X Ray: आधुनिक चिकित्सा में मेडिकल इमेजिंग की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है. इसकी मदद से डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों को साफ तौर पर देख पाते हैं और सही बीमारी की पहचान कर पाते हैं. एक्स-रे और सीटी स्कैन ऐसी दो प्रमुख जांच तकनीकें हैं, जिन्होंने डायग्नोसिस की दुनिया में बड़ा बदलाव किया है. हालांकि दोनों ही जांचों में रेडिएशन का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनके उपयोग, फायदे और सीमाएं अलग-अलग हैं. चलिए आपको बताते हैं कि दोनों में क्या अंतर है. 

एक्स-रे: सबसे पुरानी और भरोसेमंद जांच

एक्स-रे एक तरह की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक किरणें होती हैं, जो शरीर के सॉफ्ट टिश्यू से होकर निकल जाती हैं, लेकिन हड्डियों जैसी सख्त स्ट्रक्चर द्वारा रोक ली जाती हैं. इसी वजह से एक्स-रे में हड्डियां साफ दिखाई देती हैं. यह जांच कम समय में हो जाती है, खर्च भी कम होता है और लगभग हर अस्पताल में उपलब्ध होती है. एक्स-रे का इस्तेमाल हड्डियों के फ्रैक्चर, दांतों की समस्याओं, फेफड़ों और हार्ट से जुड़ी बीमारियों की जांच में किया जाता है. इसके अलावा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच के लिए मैमोग्राफी भी एक्स-रे तकनीक पर आधारित होती है.

एक्स-रे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जल्दी हो जाता है और रेडिएशन की मात्रा भी अपेक्षाकृत कम होती है. हालांकि इसकी सीमा यह है कि सॉफ्ट टिश्यू जैसे मांसपेशियां, नसें या अंग इसमें स्पष्ट नहीं दिखते. बार-बार एक्स-रे कराना, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है.

सीटी स्कैन: ज्यादा जानकारी देने वाली जांच

सीटी स्कैन को एक्स-रे का एडवांस रूप माना जाता है. इसमें घूमने वाली एक्स-रे मशीन शरीर के अलग-अलग एंगल से तस्वीरें लेती है, जिन्हें कंप्यूटर जोड़कर थ्री-डायमेंशनल इमेज बना देता है. इससे शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट तस्वीर मिलती है. 

सीटी स्कैन का इस्तेमाल गंभीर चोट, एक्सीडेंट, ट्यूमर, कैंसर, ब्रेन इंजरी, स्ट्रोक, किडनी स्टोन, अपेंडिसाइटिस और पेट से जुड़ी बीमारियों की जांच में किया जाता है. यह जांच डॉक्टरों को बीमारी की सटीक स्थिति समझने में मदद करती है. हालांकि सीटी स्कैन में रेडिएशन की मात्रा एक्स-रे से ज्यादा होती है और यह जांच महंगी भी होती है. कुछ मामलों में कॉन्ट्रास्ट डाई का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे एलर्जी की समस्या भी हो सकती है.

किस बीमारी में कौन-सी जांच जरूरी?

अगर हड्डी टूटने, दांत या फेफड़ों की सामान्य समस्या हो, तो एक्स-रे पर्याप्त होता है. लेकिन जब बीमारी जटिल हो, अंदरूनी चोट, कैंसर या ब्रेन से जुड़ी समस्या हो, तब सीटी स्कैन जरूरी हो जाता है.

हालांकि, एक्स-रे और सीटी स्कैन दोनों ही अपनी जगह जरूरी जांचें हैं. मरीज की स्थिति, बीमारी की गंभीरता और जोखिम को देखते हुए डॉक्टर तय करते हैं कि कौन-सी जांच सबसे सही रहेगी.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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