Delhi-Dehradun Expressway हादसे से सबक! कभी न करें ये 5 गलतियां, वरना जान पर बन आएगी


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Delhi-Dehradun Expressway पर हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एक्सप्रेसवे पर छोटी-सी गलती भी जानलेवा बन सकती है. एग्जिट मिस होने पर रिवर्स लेना, ओवरस्पीडिंग और लेन डिसिप्लिन की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है, ये घटना इसकी बड़ी चेतावनी है. अगर आप अक्सर एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो ये जरूरी सेफ्टी टिप्स आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकते हैं.

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Expressway पर ड्राइविंग के दौरान ऐसे रहें सेफ.

Delhi-Dehradun Expressway पर हाल ही में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई. CCTV फुटेज में दिखा कि ड्राइवर एग्जिट मिस करने के बाद हाईवे पर कार रिवर्स कर रहा था, तभी पीछे तेज रफ्तार से आ रही एक SUV ने उसे टक्कर मार दी. ये घटना हमें एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग की खतरों की याद दिलाती है.

हाई स्पीड, लॉन्ग डिस्टेंस और मॉडर्न फीचर्स के बावजूद, छोटी-छोटी लापरवाही भयानक परिणाम में बदल सकती हैं. एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित ड्राइविंग केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि निरंतर सतर्कता, धैर्य और जिम्मेदारी का मामला है. अपने इस आर्टिकल में हम उन महत्वपूर्ण टिप्स के बारे में जानेंगे, जो आपको ऐसे हादसों से बचाएंगे और ट्रिप को सुरक्षित व आनंददायक बनाएंगे. समय रहते इन सावधानियों को अपनाकर हम खुद और दूसरों की जान बचा सकते हैं.

एक्सप्रेसवे पर स्पीड कंट्रोल

एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) का सख्ती से पालन करें. आमतौर पर 80-100 किमी/घंटा की सीमा होती है, लेकिन मौसम और ट्रैफिक के अनुसार कम रखें. अचानक ब्रेक लगाने से बचें और आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी (कम से कम 4-5 सेकंड) बनाए रखें. हालिया हादसे में तेज रफ्तार ने स्थिति को और बिगाड़ दिया. थकान महसूस होने पर तुरंत रेस्ट एरिया में रुकें.

लेन डिसिप्लिन और ओवरटेकिंग

हमेशा बाएं लेन में रहें और दाएं लेन को ओवरटेकिंग के लिए इस्तेमाल करें. लेन बदलते समय इंडिकेटर जरूर दें और साइड मिरर चेक करें. बिना इंटिकेटर के लेन बदलना या स्लो स्पीड व्हीकल्स को राइट लेन में रोकना खतरनाक है. एक्सप्रेस वे पर गाड़ी रिवर्स लेना या फिर रॉन्ग साइड ड्राइव करना सीधे मौत को दावत देना जैसा है.

फोकस बनाए रखें

लंबी ड्राइव पर हर 2-3 घंटे में ब्रेक लें. फोन पर बात न करें, म्यूजिक सुनते समय भी पूरी सतर्कता रखें. नींद आने पर ड्राइवर बदलें या रुकें. रात की ड्राइविंग में हेडलाइट्स का सही इस्तेमाल करें और हाई बीम का दुरुपयोग न करें, इसकी वजह से सामने से आ रहे वाहनों को दिक्कत हो सकती है.

इमरजेंसी के लिए तैयारी

ट्रिप से पहले टायर, ब्रेक, इंजन और लाइट्स चेक कराएं. बारिश, कोहरा या धुंध में स्पीड कम रखें, फॉग लैंप का रेगुलर इस्तेमाल करें. इमरजेंसी किट (फर्स्ट एड, पानी, टूल्स) साथ रखें, इमरजेंसी में ये बहुत काम आते हैं.

एक्सीडेंट या ब्रेकडाउन होने पर हेजर्ड लाइट जलाएं, ट्राएंगल लगाएं और हाईवे पर पैदल न चलें. NHAI हेल्पलाइन या ऐप का इस्तेमाल करें. हमेशा सीट बेल्ट पहनें और बच्चों को पीछे बैठाएं. इन जरूरी टिप्स को ध्यान में रखकर आप सेफ ड्राइविंग कर सकेंगे.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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