अमेठी सिटी। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मनमानी बरतने व विवादित फर्म से खरीद करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उन पर टेंडर प्रक्रिया के दौरान फर्मों की ओर से प्रस्तुत किए गए अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यता का संज्ञान न लेने, उच्चाधिकारियों को भ्रमित करने का भी आरोप है। उन्होंने सामूहिक विवाह योजना का आयोजन निर्धारित दो तिथियों में पूरा नहीं कराया। इसके चलते ही शासन की नाराजगी की गाज जिला समाज कल्याण अधिकारी पर गिरी है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के तहत 308 जोड़ों को विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पहले चार दिसंबर और फिर 17 दिसंबर 2025 को तिथि निर्धारित होने के बाद भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन नहीं कराया गया। इसके साथ विवाह के दौरान उपहार में दी जाने वाली सामग्री की खरीद के लिए भी विवादित फर्म का चुनाव कर लिया गया। इसकी शिकायत पर पूरे मामले की गुपचुप जांच कराई गई।
जांच में सामने आया कि विवाह उपरांत युगल जोड़े की वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जिस श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स, बड़ा घोसियाना, मलिकमऊ रोड, रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया गया, उसने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी करते समय यह बात नलिन राज ने अधिकारियों से छिपाई। इसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी संजय चौहान ने जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज पर कार्रवाई के लिए 19 दिसंबर 2025 को निदेशक समाज कल्याण को एक पत्र भेजा था।
उपनिदेशक करेंगे पूरे मामले की जांच
एक माह बाद शासन ने डीएम की संस्तुति के आधार पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मनमानी के साथ गड़बड़ी बरतने पर निलंबित करने की कार्रवाई की है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एल वेंकटेश्वर लू की तरफ से 19 जनवरी को जारी पत्र में निलंबन की कार्रवाई के साथ मामले की विभागीय जांच के लिए उप निदेशक आरपी सिंह को नामित किया है।

