Explained: अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर की ट्रेड डील के लिए भारत ने ट्रंप को अपना क्या-क्या दिया?

सतीश कुमार
4 Min Read


India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही ट्रेड डील पर आखिरकार पिछले हफ्ते मुहर लग गई. इस समझौते की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर साझा की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी पुष्टि की. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत पर लगने वाला टैरिफ अब 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके बाद से ही यह सवाल उठने लगे कि यह डील किन शर्तों पर हुई और भारत ने बदले में क्या रियायतें दी हैं.

पीयूष गोयल का बयान: घरेलू हितों से कोई समझौता नहीं

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यह एक ऐतिहासिक ट्रेड डील है, जिसमें भारत ने केवल चुनिंदा क्षेत्रों में ही अमेरिकी उत्पादों को अपने बाजार में प्रवेश दिया है. गोयल ने कहा कि कुछ अमेरिकी वस्तुओं को ड्यूटी-फ्री एक्सेस दिया गया है, लेकिन इस दौरान घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है. उनके मुताबिक, यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा और 140 करोड़ लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.

किन सेक्टर्स में अमेरिका को मिली एंट्री?

इस डील के तहत:

कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स को ड्यूटी-फ्री एक्सेस वाइन और स्पिरिट्स को सीमित एडजस्टमेंट के साथ राहत

कॉस्मेटिक्स सेक्टर को आंशिक रूप से खोला गया

कंप्यूटर और आईटी से जुड़े कुछ उत्पादों के आयात पर रियायत

मेडिकल उपकरणों जैसे फाइबरस्कोप और लैपरोस्कोप को प्राथमिकता

कृषि क्षेत्र पर भारत की सख्ती बरकरार

यानी शुरुआती आशंकाओं के विपरीत, भारत ने पूरे कृषि क्षेत्र को नहीं खोला है. अमेरिका से आने वाले किसी भी जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) कृषि उत्पाद को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है. इसके अलावा जिन फसलों का देश में भरपूर उत्पादन होता है, उन्हें टैरिफ छूट से बाहर रखा गया है. इनमें शामिल हैं: मक्का, चावल, गेहूं मोटे अनाज, रागी केला, खट्टे फल काबुली चना, चीनी सोयाबीन और अन्य अनाज संवेदनशील सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित भारत ने मांस, पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, एथनॉल और तंबाकू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को भी इस समझौते से बाहर रखा है. इससे साफ है कि सरकार ने व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू किसानों और स्थानीय उद्योगों के संरक्षण को प्राथमिकता दी है.

भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा फायदा?

इस ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में बड़े अवसर खुलेंगे. कई कृषि और बागवानी उत्पादों को जीरो टैरिफ के साथ अमेरिका में प्रवेश मिलेगा. इनमें शामिल हैं: चाय, कॉफी, मसाले नारियल तेल, वेजिटेबल वैक्स सुपारी, चेस्टनट एवोकाडो, अमरूद, आम, कीवी पपीता, अनानास, मशरूम सब्जियों की जड़ें, जौ बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद तिल और खसखस निष्कर्ष जीरो टैरिफ सुविधा से भारतीय किसानों, बागवानी उत्पादकों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. साथ ही अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी.

ये भी पढ़ें: जी-20 देशों में सबसे तेज दौड़ लगाएगी भारत की इकोनॉमी, इस बड़ी ग्लोबल रेटिंग एजेंसी की भविष्यवाणी



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.