नई दिल्ली. भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क वाला देश बन चुका है. दिसंबर 2024 तक देश में सड़कों की कुल लंबाई 66 लाख 20 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा हो गई है. इनमें से करीब 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं. हर साल लाखों ट्रक और कमर्शियल गाड़ियां इन सड़कों पर दौड़ती हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में ही देश में करीब 9.57 लाख कमर्शियल गाड़ियां बिकीं. देश के 70% माल और 85% यात्री सफर का बोझ इन्हीं सड़कों पर है.
इतना बड़ा रोड नेटवर्क और लाखों गाड़ियां, इसका मतलब है कि देश का कारोबार सड़क परिवहन पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है. लेकिन अब भी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को एक बड़ी दिक्कत झेलनी पड़ती है. रास्ते में होने वाले छोटे-छोटे खर्चों की. ड्राइवरों को हर बार टोल या पार्किंग के लिए FASTag रिचार्ज करने के लिए कैश पर निर्भर रहना पड़ता है. कई बार रास्ते में नकद की कमी से देरी होती है और बिज़नेस को नुकसान उठाना पड़ता है.
इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए OmniCard लेकर आया है भारत का पहला UPI AutoPay आधारित FASTag. खास तौर पर बिज़नेस और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए.
क्या है खास इस FASTag में?
अब ड्राइवरों को FASTag रिचार्ज करने की झंझट नहीं यह अपने आप UPI AutoPay से रिचार्ज हो जाएगा. कंपनी या मालिक पहले से लिमिट तय कर सकता है कि कितना ऑटो-रिचार्ज हो. टोल और पार्किंग के भुगतान पर तुरंत नोटिफिकेशन मिलेगा. हर ट्रांज़ैक्शन को गाड़ी, ड्राइवर और ट्रिप से टैग किया जा सकेगा ताकि हिसाब साफ रहे. ऑडिट और कंप्लायंस के लिए रिपोर्ट्स अपने आप तैयार होंगी. खर्च पर नज़र रखने और मिसयूज़ रोकने के लिए स्मार्ट कंट्रोल की सुविधा भी है.
OmniCard के COO और को-फाउंडर अभिषेक सक्सेना ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि देश के लाखों ट्रक ड्राइवर रोज़ाना देरी और नुकसान का सामना करते हैं, अब यह FASTag सिस्टम उनकी ज़िंदगी और बिज़नेस दोनों को आसान बनाएगा.
इस FASTag को इस तरह बनाया गया है कि इसमें इंसानी दखल बहुत कम हो. UPI AutoPay और डिजिटल कंट्रोल के ज़रिए हर खर्च को पारदर्शी और ऑटोमेटिक बनाया गया है.
इस FASTag को iFleet Pay प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे कंपनियों को एक जगह पर ट्रिप ट्रैकिंग, जियो-फेंसिंग,ड्राइवर कंट्रोल और खर्च प्रबंधन जैसी सारी सुविधाएं मिलेंगी. अब ट्रक या बिज़नेस गाड़ी चलाने वालों को हर बार FASTag रिचार्ज या कैश की टेंशन नहीं होगी. UPI AutoPay सिस्टम से सब कुछ अपने आप हो जाएगा.

