Does Eating Butter Before Bed Help You Sleep: आजकल अच्छी नींद लेना कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. पहले लोग इसके लिए मोबाइल चलाने या ज्यादा सोचने को जिम्मेदार मानते थे, लेकिन सच यह है कि हमारी लाइफस्टाइल ही धीरे-धीरे नींद को प्रभावित कर रही है. दिनभर हम हेल्दी खाना, एक्सरसाइज और फिट रहने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब रात होती है तो देर तक मोबाइल स्क्रॉल करना, वेब सीरीज देखना या कुछ न कुछ खाते रहना हमारी आदत बन जाता है.इसका असर सीधे हमारी नींद पर पड़ता है.
सोशल मीडिया पर नया ट्रेंड
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि सोने से पहले थोड़ा सा मक्खन खाने से नींद बेहतर हो सकती है. कई लोग इसे सिंपल सॉल्यूशन बताकर शेयर कर रहे हैं. हालांकि एक्सपर्ट इसको लेकर क्या कहते हैं, चलिए आपको बताते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. अंशुल सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि यह ट्रेंड ज्यादातर बायोहैकिंग और वेलनेस ब्लॉग्स से आया है. उनका मानना है कि सोने से पहले फैट खाने से रातभर ब्लड शुगर स्थिर रह सकती है और भूख कम लगती है. यही विचार कीटो और लो-कार्ब डाइट से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें फैट का इस्तेमाल शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देने के लिए किया जाता है. हालांकि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे ज्यादातर लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित हैं, पुख्ता साइंटफिक प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं हैं.
हैदराबाद के अरेते हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नलिनी नगल्ला के मुताबिक, नींद से जुड़े साइंटफिक रिसर्च में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि सिर्फ मक्खन खाने से नींद बेहतर हो जाती है. असल में यह ट्रेंड इसलिए वायरल हो रहा है क्योंकि लोग नींद की समस्या का आसान समाधान ढूंढते रहते हैं.
इसे भी पढ़ें- Paint Fumes Health Effects: घर में नया पेंट करवाने के बाद क्यों होने लगती है खांसी और घुटन? जानें कारण और बचाव के टिप्स
क्या सच में मक्खन खाना जरूरी होता है?
हालांकि कुछ लोगों के लिए सोने से पहले थोड़ा सा खाना फायदेमंद हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति भूखा सोता है तो रात में नींद खुल सकती है. ऐसे में थोड़ी मात्रा में फैट या प्रोटीन लेने से पेट भरा महसूस होता है और रात में भूख के कारण नींद टूटने की संभावना कम हो जाती है. लेकिन इसके लिए मक्खन ही जरूरी नहीं है. नट्स, दही, पनीर या दूध जैसे विकल्प भी उतने ही असरदार हो सकते हैं.
हो सकती है यह दिक्कत
डॉक्टरों का कहना है कि मक्खन में मौजूद फैट पाचन को धीमा करता है, जिससे कुछ लोगों को लंबे समय तक भूख नहीं लगती. लेकिन हर किसी के लिए यह सही विकल्प नहीं है. ज्यादा फैट होने की वजह से यह कुछ लोगों में एसिडिटी या डाइजेशन संबंधी परेशानी भी पैदा कर सकता है. खासकर जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज या लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए.
ये भी पढ़ें-3 साल में इस महिला ने घटाया 72 किलो वजन, केवल 7 आसान स्टेप्स फॉलो कर आप भी हो सकती हैं स्लिम
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.