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Ford India जून 2026 से चेन्नई प्लांट में हाई-एंड इंजन उत्पादन शुरू करेगी, 3250 करोड़ निवेश करेगी, फोकस एक्सपोर्ट पर रहेगा. संभावना है कि कंपनी आने वाले दिनों में Ford Endeavour की भी वापसी करा देगी.

Ford Endeavour
Ford India ने भारतीय बाजार में अपनी वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. विशेष सूत्रों के अनुसार, कंपनी अपनी चेन्नई स्थित मरैमलई नगर प्लांट को जून 2026 से दोबारा उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रही है. ये प्लांट 2021 में फोर्ड के भारत से वाहन उत्पादन बंद करने के बाद बंद पड़ा था, जब कंपनी ने लगातार घाटे और बाजार में कम हिस्सेदारी के कारण भारत छोड़ने का फैसला किया था. उस समय फोर्ड ने सानंद प्लांट टाटा मोटर्स को बेच दिया था, लेकिन चेन्नई प्लांट को अपने पास ही रखा है.
अब फोर्ड इस प्लांट को पुनर्जीवित कर रही है, लेकिन फोकस वाहनों के बजाय हाई-एंड इंजनों के उत्पादन पर है, जो मुख्य रूप से निर्यात के लिए होंगे. Gaadiwaadi.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी लगभग 3,250 करोड़ रुपये (करीब 370 मिलियन डॉलर) का निवेश करने वाली है. प्लांट की वार्षिक क्षमता लगभग 2.35 लाख इंजन होगी और उत्पादन 2029 तक पूर्ण रूप से शुरू होने की उम्मीद है. हालांकि जून 2026 से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
फिर से काम शुरू करेगी फोर्ड
फोर्ड ने 2021 में महिंद्रा के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर रद्द करने के बाद भारत से वाहन उत्पादन बंद किया था, जिससे इकोस्पोर्ट, एंडेवर जैसे लोकप्रिय मॉडल बंद हो गए. हालांकि, अब कंपनी की रणनीति बदल गई है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फोर्ड भारत में प्रीमियम वाहनों के साथ वापसी कर सकती है, जैसे एंडेवर (एवरेस्ट) और रेंजर पिकअप, जो सीबीयू (कंप्लीटली बिल्ट यूनिट) के रूप में आयात किए जा सकते हैं. ये मॉडल टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर दे सकते हैं.
Ford Endeavour की होगी वापसी?
वर्तमान में फोर्ड की रणनीति पूरी तरह एक्सपोर्ट-फोकस्ड है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में वाहन असेंबली या डोमेस्टिक सेल्स की कोई योजना नहीं है. एंडेवर (जिसे ग्लोबली एवरेस्ट कहा जाता है) की खबरें पिछले साल भी CBU इंपोर्ट या लोकल असेंबली के रूप में आई थीं, लेकिन अब EV स्ट्रैटेजी, ग्लोबल टैरिफ वॉर और कंपनी की प्राथमिकताओं के कारण ये प्लान होल्ड पर हैं. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एंडेवर की वापसी अनिश्चित है और फोकस EV डेवलपमेंट व एक्सपोर्ट पर है.
फिर भी, फोर्ड के भारत में मजबूत इंजीनियरिंग बेस (चेन्नई में 12,000 कर्मचारी) और फैंस की मांग को देखते हुए भविष्य में स्थिति बदल सकती है. फिलहाल, एंडेवर लवर्स को इंतजार करना होगा, क्योंकि कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करना है, न कि भारतीय बाजार में तुरंत वापसी. ये कदम फोर्ड के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में है.

