Good News ! बिहार के Kisan के लिए सरकार ने खोला खजाना. उपमुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात

भारत की अर्थव्यवस्था में किसानों की भूमिका हमेशा से सबसे महत्वपूर्ण रही है। किसानों की मेहनत और उनके नवाचार से ही कृषि क्षेत्र आगे बढ़ता है। इसी कड़ी में बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसान देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक हैं और उनकी मेहनत से ही कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि जब तक किसान का सम्मान और उनका सिर ऊंचा नहीं होगा, तब तक देश का विकास भी अधूरा रहेगा। किसान लगातार नई तकनीकों को अपनाकर खेती को बेहतर बना रहे हैं और सरकार उनकी हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

किसान सबसे बड़े वैज्ञानिक – कृषि मंत्री

शनिवार को रेशम भवन में आयोजित किसान कल्याण संवाद एवं किसान सम्मान समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से सीधे संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि नवाचारों के बारे में जानकारी देना था।

उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक नई तकनीकों और बीजों पर शोध करते हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर सफल बनाने का काम किसान ही करते हैं। इसलिए किसान ही असली वैज्ञानिक हैं।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का प्रयास

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए आधुनिक खेती, बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और कृषि योजनाओं को किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपनाएं। इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम में किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। मंत्री ने कहा कि अगर किसान जैविक खेती अपनाते हैं तो रासायनिक खादों पर उनकी निर्भरता कम होगी और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनेगी।

उन्होंने किसानों से कहा कि कृषि से जुड़ी नई जानकारी प्राप्त करने के लिए कृषि रेडियो संवाद जैसे माध्यमों से जुड़े रहें और अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं।

चौथे कृषि रोडमैप से मिलेगा नया दिशा

बिहार सरकार द्वारा तैयार किए गए चतुर्थ कृषि रोडमैप का उद्देश्य राज्य में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देना है। इस रोडमैप के तहत कई नई योजनाएं लागू की जा रही हैं ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और कृषि को आधुनिक बनाया जा सके।

शाहकुंड में बनेगा आम का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि शाहकुंड में आम का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट भी जारी कर दिया है।

उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि इस सेंटर में पैक हाउस भी बनाया जाएगा, जहां किसानों को पैकेजिंग, ग्रेडिंग और विपणन की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

इसके अलावा बिहार में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही पटना में एपीडा (APEDA) का कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद रहे कई जनप्रतिनिधि

इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद अजय मंडल, विधायक पवन यादव, कृषि निदेशक कल्पना कुमारी, विपणन निदेशक शैलेंद्र कुमार, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

इन युवा किसानों को किया गया सम्मानित

कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई युवा किसानों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

सम्मानित किसान इस प्रकार हैं:

  • शीला कुमारी – मशरूम उत्पादन

  • वंदना कुमारी – बकरी पालन

  • गुंजेश गुंजन – समेकित कृषि प्रणाली

  • संजय कुमार चौधरी – मधुमक्खी पालन

  • प्रिया देवी – मशरूम उत्पादन

  • कृष्णानंद सिंह – जर्दालू आम उत्पादन

  • मनीष कुमार सिंह – कतरनी धान उत्पादन

  • राजेश कुशवाहा – सब्जी एवं गन्ना खेती

  • अभिषेक कुमार – जैविक सब्जी उत्पादन

  • चंदन कुमार सिंह – लीची उत्पादन

  • सपना कुमारी – समेकित कृषि प्रणाली

  • पंकज कुमार – एफपीओ कार्य

  • नीरा कुमारी – मशरूम उत्पादन

  • प्रकाश राम – केला उत्पादन

  • अरविंद कुमार मंडल – गेंदा फूल की खेती

  • हरिकिशोर मंडल – जैविक सब्जी उत्पादन

  • मोहित कुमार – जर्दालू आम उत्पादन

  • सर्वेश कुमार – मशरूम उत्पादन

  • विनय कुमार – पशुपालन

  • योगेंद्र कुमार – समेकित कृषि प्रणाली

निष्कर्ष

किसानों के नवाचार और मेहनत से ही कृषि क्षेत्र आगे बढ़ता है। सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है। अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों और जैविक खेती को अपनाते हैं तो आने वाले समय में कृषि क्षेत्र और भी मजबूत होगा।