Happy Women’s Day 2026: महिला दिवस का दिन बनाएं खास, ये श्लोक भेजकर दें शुभकामनाएं

aditisingh
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Happy International Women’s Day 2026: हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. यह दिन महिलाओं की शक्ति, सम्मान और योगदान को समर्पित खास दिन है. लेकिन यह केवल एक स्पेशल दिन न होकर समाज में महिलाओं के महत्व, उनकी उपलब्धियों और उनके संघर्षों को सम्मान देने का अवसर भी है.

इस खास दिन पर लोग अपनी मां, बहन, पत्नी, बेटी और सहकर्मियों को शुभकामनाएं देकर उनका आभार व्यक्त करते हैं. अगर आप भी इस महिला दिवस को थोड़ा अलग और खास बनाना चाहते हैं, तो संस्कृत के सुंदर श्लोकों के माध्यम से शुभकामनाएं भेज सकते हैं. शास्त्रों में नारी को शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है. ऐसे में इन पवित्र श्लोकों के जरिए भेजी गई शुभकामनाएं न केवल आध्यात्मिक भाव लिए खास होंगी, बल्कि दिल को छूने वाली भी होंगी.

इस महिला दिवस पर आप इन श्लोकों को भेजकर अपने जीवन की खास महिलाओं को सम्मान और स्नेह भरी शुभकामनाएं दे सकते हैं. यहां देखिए महिला आधारित संस्कृत श्लोक और उसके अर्थ.

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः।।

अर्थ- जहां नारियों का सम्मान और पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं, और जहां उनका सम्मान नहीं होता, वहां की गई सभी क्रियाएं या मेहनत निष्फल हो जाती है.

Happy Women's Day 2026: महिला दिवस का दिन बनाएं खास, ये श्लोक भेजकर दें शुभकामनाएं

स्त्रिय: समस्ता: सकला जगत्सु।

यह मार्कण्डेय पुराण से लिया गया एक अत्यंत पवित्र श्लोक है, जिसका अर्थ है- संसार की समस्त स्त्रियां आपकी ही मूर्तियां या रूप (सकला) हैं.

Happy Women's Day 2026: महिला दिवस का दिन बनाएं खास, ये श्लोक भेजकर दें शुभकामनाएं

‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’

अर्थ है- ‘माता और जन्मभूमि (मातृभूमि) स्वर्ग से भी श्रेष्ठ/महान हैं’

Happy Women's Day 2026: महिला दिवस का दिन बनाएं खास, ये श्लोक भेजकर दें शुभकामनाएं

स्त्रीं तु रोचमनायन सर्वं तद्रोचते कुलम्।
तस्यां त्वरोचमनायां सर्वमेव न रोचते॥ (मनुस्मृति 3.62 )

अर्थ- परिवार की खुशी महिला की खुशी पर निर्भर करती है. जब वह खुश होती है, तो परिवार फलता-फूलता है; जब वह खुश नहीं होती, तो सभी को इसका असर महसूस होता है.

तेजोमंदिता उजियाला भवाम्यहं शक्तिः शिवालिका। (नवयुगजनिता 3) 

अर्थ- तेज से सुशोभित और जगमगाता, मैं शक्ति हूं.

नार्यस्तु राष्ट्रस्य स्वः।

अर्थ- नारी राष्ट्र का भविष्य है.

अतुलं तत्र तत्तेजः सर्वदेवशरीरजम्।
एकस्थं तद्भुन्नरी समृद्धिलोकत्रयं त्वविशा॥ (देवीमहात्म्यम 2.13)

अर्थ- सभी देवताओं की उत्पत्ति हुई और त्रिलोक में व्याप्त
वह अतुल्य तेज हुआ जब संयोजन तब वह नारी बनी.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.