How Lifestyle Affects Male Fertility: दुनियाभर में फर्टिलिटी रेट लगातार गिर रहा है. आज स्थिति यह है कि दुनिया के लगभग दो-तिहाई देशों में यह रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे चला गया है. सोरबोन यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ मेडिसिन में डेवलपमेंटल और रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी की प्रोफेसर रैचेल लेवी के अनुसार, “फर्टिलिटी अब सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक पब्लिक हेल्थ इश्यू बन चुकी है. हर 6 में से 1 व्यक्ति इंफर्टिलिटी से जूझ रहा है.”
लाइफस्टाइल का अहम रोल
पिछले 50 वर्षों में पुरुषों में स्पर्म कंसंट्रेशन लगभग आधा रह गया है. इसके पीछे पर्यावरण से जुड़े कारणों के साथ-साथ लाइफस्टाइल फैक्टर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, जिनमें मोटापा और खराब खानपान प्रमुख हैं. 31 जनवरी 2025 को पेरिस में आयोजित इंस्टिट्यूट बेंजामिन डेलसेर्ट के वार्षिक कार्यक्रम में रैचेल लेवी ने बताया कि किस तरह बदली जा सकने वाली आदतें इंफर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं और सही पोषण से फर्टिलिटी में सुधार की कितनी संभावना है.
रिसर्च में यह साफ हुआ है कि बॉडी मास इंडेक्स (BMI), डाइट और स्पर्म क्वालिटी के बीच गहरा संबंध है. दुनियाभर में BMI बढ़ने के साथ-साथ फर्टिलिटी रेट में गिरावट देखी जा रही है. मेडिकल असिस्टेड प्रजनन प्रक्रिया से गुजर रहे पुरुषों में ओवरवेट और मोटापा ओलिगोजोस्पर्मिया और एजोस्पर्मिया का खतरा बढ़ा देता है, जिससे गर्भधारण और लाइव बर्थ की संभावना कम हो जाती है.
कैसी रखें डाइट?
डाइट सीधे तौर पर स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है. कई स्टडीज में यह सामने आया है कि मेडिटेरेनियन डाइट अपनाने से स्पर्म की गुणवत्ता और फर्टिलिटी में सुधार होता है. इतना ही नहीं, गर्भधारण से पहले पिता की डाइट स्पर्म के डीएनए मिथाइलेशन को भी प्रभावित कर सकती है, जिसका असर भ्रूण के विकास पर पड़ता है.
हार्मोनल असंतुलन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, सूजन और एपिजेनेटिक बदलाव जोखिम भी पैदा करते हैं और सुधार का मौका भी देते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ मामलों में ये असर उलटे भी जा सकते हैं. एक स्टडी में पाया गया कि गर्भधारण से पहले नियमित फिजिकल एक्टिविटी और संतुलित आहार अपनाने से मेटाबॉलिक और हार्मोनल स्थिति सुधरी, स्पर्म डीएनए डैमेज कम हुआ और सीमन की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बेहतर हुई.
फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए क्या खाएं?
मेडिटेरेनियन डाइट को रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए सबसे ज्यादा स्टडी किया गया है. इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल होते हैं. पालक, केल जैसी सब्जियां, क्विनोआ और ओट्स, मछली-अंडे, दालें, एवोकाडो, नट्स और ऑलिव ऑयल फर्टिलिटी के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.
किन चीजों से बचें?
ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर, अत्यधिक कैफीन और शराब हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकते हैं. ट्रांस फैट और बहुत ज्यादा तले-भुने खाने से भी सूजन बढ़ती है.
एक्सपर्ट्स की सलाह
पोषण के साथ-साथ पर्याप्त पानी, नियमित हल्का व्यायाम और तनाव कम करना भी जरूरी है. अगर लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही है या PCOS, थायरॉइड जैसी समस्या है, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है.

