Human Lifespan 150 Years: क्या 150 साल तक जिंदा रह सकता है इंसान, इस रिसर्च पर शुरू हुई बहस

aditisingh
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New Research On Human Lifespan Extension: मानव जीवन को लंबा करने का विचार लंबे समय से साइंटिस्ट को आकर्षित करता रहा है. आधुनिक मेडिकल ने इसमें काफी तरक्की की है, लेकिन साइंटिस्ट अब भी ऐसे तरीकों की तलाश में हैं जिनसे बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को धीमा किया जा सके और उम्र से जुड़ी बीमारियों को रोका जा सके. हाल ही में चीन की एक बायोटेक कंपनी ने इस विषय पर नई बहस छेड़ दी है.

 शेन्जेन स्थित स्टार्टअप Lonvi Biosciences का दावा है कि उसने एक ऐसी एक्सपेरिमेंटल गोली विकसित की है, जिसकी मदद से इंसान की उम्र भविष्य में 150 साल तक पहुंच सकती है. कंपनी के अनुसार उनकी रिसर्च शरीर में मौजूद उन हानिकारक सेल्स को हटाने पर केंद्रित है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करती हैं. सोशल मीडिया और वैज्ञानिक मंचों पर सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दवा अंगूर के बीज से प्राप्त तत्वों का इस्तेमाल करती है, जो शरीर में मौजूद खास प्रकार की सेल्स को निशाना बनाती हैं. इन कोशिकाओं को आम भाषा में “जॉम्बी सेल्स” कहा जाता है.

जॉम्बी सेल्स किसे कहा जाता है?

साइंस के टर्म  में इन्हें senescent cells कहा जाता है. ये ऐसी सेल्स होती हैं जो क्षतिग्रस्त या बूढ़ी हो चुकी होती हैं और सेल्स विभाजित होना बंद कर देती हैं, लेकिन मरती नहीं हैं. इसके बजाय ये शरीर में बनी रहती हैं और आसपास के  में सूजन पैदा करने वाले रसायन छोड़ती रहती हैं. समय के साथ इन सेल्स का जमाव शरीर में कई समस्याओं को जन्म दे सकता है. साइंटिस्ट का मानना है कि यही सेल्स बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारियों जैसे दिल की बीमारी, गठिया और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में भूमिका निभा सकती हैं.

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कैसे काम कर सकती है दवा?

कंपनी का दावा है कि यह गोली अंगूर के बीज से बने यौगिकों की मदद से शरीर में मौजूद इन खराब सेल्स को खत्म करने में मदद कर सकती है. अगर इन सेल्स को कम किया जा सके तो शरीर में होने वाली सूजन और टिश्यू को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. लंबी उम्र से जुड़ी रिसर्च में साइंटिस्ट पहले से ही senolytics नाम की दवाओं पर काम कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य इन बूढ़ी सेल्स को खत्म करना है. शुरुआती प्रयोगों में जानवरों पर इसके कुछ पॉजिटिव परिणाम भी देखने को मिले हैं, जैसे बेहतर शारीरिक क्षमता और उम्र से जुड़ी गिरावट में देरी.

 

दवा आने में लगेगा वक्त

हालांकि साइंटिस्ट का कहना है कि ऐसी किसी भी दवा को इंसानों के लिए सुरक्षित और प्रभावी साबित करने में अभी लंबा समय लग सकता है. किसी भी नई थेरेपी को आम लोगों तक पहुंचने से पहले कई चरणों के क्लिनिकल ट्रायल से गुजरना पड़ता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.