Տեխնիկական նորություններ

क्या Wireless Charging से खराब हो जाती है फोन की बैटरी? यहां जान लें सच

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 7, 2026
2 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


  • वायरलेस चार्जिंग लोकप्रिय है, पर बैटरी स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं।
  • वायरलेस चार्जिंग धीमी, कम कुशल, गर्मी पैदा करती है।
  • रोजाना उपयोग से गर्मी बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • उच्च गुणवत्ता चार्जर, कवर हटाना, 80% तक चार्ज करना बेहतर।

Wireless Charging: इन दिनों वायरलेस चार्जिंग काफी पॉपुलर हो रही है. पब्लिक स्पेस और कारों के साथ-साथ अब ऐसे सोफा भी आने लगे हैं, जिनमें चार्जिंग पॉड लगे होते हैं. वायरलेस चार्जिंग से फोन को चार्ज करना आसान हो गया है और इसने चार्जर और पोर्ट ढूंढने की टेंशन को कम कर दिया है, लेकिन अगर आप इसे लॉन्ग टर्म में यूज करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो थोड़ा ठहरकर सोचने की जरूरत है. यह आपके डिवाइस की बैटरी हेल्थ के लिए ठीक नहीं है. Wireless charging स्लो होती है और यह वायर्ड चार्जिंग के मुकाबले कम एफिशिएंट है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वायरलेस चार्जिंग से क्या नुकसान हो सकते हैं.

Wireless Charging को डेली यूज करने से बचें

स्लो चार्जिंग या कम एफिशिएंसी के कारण ऐसा नहीं होगा कि आपके फोन की बैटरी एकदम खराब हो जाएगी. आजकल कई मॉडर्न डिवाइस में वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. ये वायरलेस चार्जिंग के दौरान जनरेट होने वाली हीट को हैंडल कर सकते हैं, लेकिन फिर भी वायरलेस चार्जिंग को डेली यूज करने से बचना चाहिए. वायरलेस चार्जिंग को अनसेफ नहीं माना जाता है, लेकिन रोजाना यूज होने से हीट के कारण बैटरी पर असर पड़ने लगता है. इसलिए इसे प्राइमरी चार्जिंग मेथड नहीं बनाना चाहिए. कोशिश करें कि डिवाइस को ज्यादा से ज्यादा वायर्ड चार्जर से ही चार्ज किया जाए.

Wireless Charging से हीट क्यों प्रोड्यूस होती है?

वायरलेस चार्जर के चार्जिंग पैड में एक ट्रांसमीटर कॉयल लगी होती है, जो अल्टरनेटिंग करंट (AC) का मैग्नेटिक फील्ड क्रिएट करती है. जब इस चार्जिंग पैड पर कोई डिवाइस रखा जाता है तो उसकी रिसीवर कॉयल उस करंट को DC में कन्वर्ट कर बैटरी को ट्रांसफर कर देती है, लेकिन इस प्रोसेस में चार्जिंग पैड की पूरी पावर बैटरी तक नहीं पहुंच पाती. इसलिए वह पावर हीट में कन्वर्ट हो जाती है. Wireless Charging में 20-30 प्रतिशत एनर्जी लॉस्ट होती है, जबकि वायर्ड चार्जिंग में केवल 5 प्रतिशत का लॉस होता है. इसी वजह से वायरलेस चार्जिंग में हीट जनरेट होती है.

Wireless Charging के समय ध्यान रखें ये बातें

  • हमेशा हाई क्वालिटी वायरलेस चार्जर का यूज करें.
  • Wireless Charging के समय फोन पर गेमिंग या हाई क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग न करें.
  • फोन और टैबलेट आदि चार्ज करते समय उनके कवर को हटा दें.
  • बैटरी को लंबे समय तक यूज करने के लिए इसे 80 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज न करें.

ये भी पढ़ें-

चावल में रखने से नहीं सूखेगा पानी में भीगा फोन, यह तरीका आएगा काम



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։