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नोएडा हादसा फॉग लैंप्स की जरूरत और रोड सेफ्टी पर क्यों है जरूरी.

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On January 18, 2026
1 min read 1.2k views
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नई दिल्ली. नोएडा में 17 जनवरी की रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश का ध्यान रोड सेफ्टी पर खींचा है. कोहरे वाली रात और कम विजिबिलिटी के बीच एक आईटी प्रोफेशनल की कार खुले निर्माणाधीन गड्ढे में गिर गई. पानी तेजी से भरता गया और मदद समय पर नहीं पहुंच सकी. इस घटना ने खराब इंफ्रास्ट्रक्चर पर तो सवाल खड़े किए ही, एक और चीज को और ध्यान खींचा, वो है गाड़ियों में फॉग लैंप्स की जरूरत.

ऐसे हादसों के बाद एक सवाल बार बार उठता है कि क्या बेहतर विजिबिलिटी होती तो शायद यह घटना टल सकती थी. कोहरे, बारिश और अंधेरे में सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. इसी जगह फॉग लैंप्स एक छोटा लेकिन बेहद अहम सेफ्टी फीचर साबित होते हैं जो कई बार बड़े हादसे रोक सकते हैं.

फॉग लैंप्स क्यों हैं जरूरी

भारत में सर्दियों और मॉनसून के दौरान दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे इलाकों में घना कोहरा और भारी बारिश आम है. ऐसे मौसम में सामान्य हेडलाइट्स की रोशनी कोहरे में फैल जाती है और आगे का रास्ता साफ नहीं दिखता. फॉग लैंप्स जमीन के करीब लगाए जाते हैं और इनकी रोशनी सीधी सड़क पर फैलती है. इससे ड्राइवर को सामने की सतह और रुकावटें समय पर नजर आती हैं.

फॉग लैंप्स कैसे करते हैं काम

फॉग लैंप्स में पीले या एम्बर टोन की लाइट इस्तेमाल होती है. इस रोशनी की वेवलेंथ लंबी होती है जिससे कोहरे के कणों से कम टकराव होता है. इसका नतीजा यह होता है कि कम विजिबिलिटी में भी सड़क करीब से साफ दिखती है. यही वजह है कि भारी बारिश और धुंध में फॉग लैंप्स साधारण हेडलाइट्स से ज्यादा असरदार होते हैं.

फॉग लैंप्स का सही इस्तेमाल

फॉग लैंप्स का उपयोग सिर्फ कोहरे, भारी बारिश या धुंध में करना चाहिए. इन्हें लो बीम हेडलाइट्स के साथ चलाना सही तरीका माना जाता है. हाई बीम कोहरे में उलटा असर करती है और ड्राइवर की आंखों को चकाचौंध कर देती है. सामान्य साफ मौसम में फॉग लैंप्स ऑन रखना दूसरी गाड़ियों के लिए परेशानी बन सकता है.

नोएडा हादसे से मिलने वाला सबक

नोएडा की घटना ने दिखाया कि एसयूवी होने से हर स्थिति में सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती. गहरे पानी और खुले गड्ढे के सामने कोई भी गाड़ी बेबस हो सकती है. अगर विजिबिलिटी बेहतर होती तो शायद खतरा पहले दिख जाता. साथ ही कार में इमरजेंसी हैमर जैसे टूल्स की मौजूदगी भी जान बचाने में मदद कर सकती है.

ड्राइवरों के लिए जरूरी सलाह

हर कार मालिक को यह जांचना चाहिए कि उसकी गाड़ी में फॉग लैंप्स मौजूद हैं या नहीं. जरूरत पड़ने पर आफ्टरमार्केट फॉग लैंप्स लगवाए जा सकते हैं. बारिश और कोहरे में स्पीड कम रखें और कंस्ट्रक्शन जोन या पानी भरे रास्तों से बचें. छोटी सावधानियां और सही सेफ्टी फीचर्स कई बार जिंदगी और मौत के बीच फर्क बना देते हैं.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։

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