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भारत में AI की रफ्तार तेज, लेकिन नौकरियां वहीं की वहीं! इस रिपोर्ट ने खोल दी पोल

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By Aman Shanti .In On January 19, 2026
1 min read 1.2k views
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Artificial Intelligence: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर कंपनियों का रुख तेजी से सकारात्मक हो रहा है. Accenture की नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप लेवल मैनेजमेंट यानी C-suite लीडर्स AI को सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ का मजबूत आधार मान रहे हैं. यही वजह है कि ज्यादातर कंपनियां इस साल AI पर खर्च बढ़ाने की योजना बना रही हैं.

88% लीडर्स AI में बढ़ाएंगे निवेश

Accenture के ‘Pulse of Change’ सर्वे में सामने आया है कि भारत के करीब 88% C-suite लीडर्स AI में अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं. इनमें से 69% अधिकारियों का मानना है कि AI सिर्फ लागत घटाने का जरिया नहीं, बल्कि रेवेन्यू बढ़ाने का बड़ा साधन बन सकता है. हालांकि, 27% एग्जीक्यूटिव्स ने यह भी माना कि स्किल्ड टैलेंट की कमी इस रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

जॉब डिजाइन और ट्रेनिंग में अब भी सुस्ती

रिपोर्ट में यह बात चौंकाने वाली है कि भारी निवेश के बावजूद बहुत कम कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI के हिसाब से तैयार कर रही हैं. भारत में सिर्फ 24% संगठन ही AI से जुड़ी लगातार सीखने की प्रक्रिया शुरू कर पाए हैं. वहीं, 10% से भी कम कंपनियां ऐसी हैं जो AI को ध्यान में रखते हुए नौकरियों की नई संरचना तैयार कर रही हैं.

AI अपनाया जा रहा है लेकिन भर्ती पर असमंजस

इस सर्वे में 20 देशों की बड़ी कंपनियों से जुड़े 3,650 C-suite लीडर्स और 3,350 अन्य कर्मचारियों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 60% टॉप लीडर्स AI पर खर्च बढ़ाने को तैयार हैं लेकिन अगर भविष्य में AI को लेकर उत्साह कम होता है तो सिर्फ आधी कंपनियां ही नई भर्तियों पर विचार करेंगी.

प्रयोग से आगे निकल चुका है AI

Accenture का कहना है कि AI अब सिर्फ एक्सपेरिमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े स्तर पर अपनाया जा चुका है. भारत में करीब 41% संगठन अलग-अलग कामों के लिए AI एजेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, 24% कंपनियों ने पूरी तरह AI आधारित एंड-टू-एंड प्रोसेस लागू कर दिए हैं. इसके अलावा, 39% C-suite लीडर्स रोज़ाना जनरेटिव AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं.

कर्मचारियों में बढ़ रही है AI की समझ

हालांकि कुशल टैलेंट की कमी अभी भी एक मुद्दा है लेकिन ज्यादातर कंपनियों का कहना है कि उनके कर्मचारियों के पास AI इस्तेमाल करने की बुनियादी ट्रेनिंग मौजूद है. भारत में लगभग 47% कर्मचारी अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि 83% लोगों को इसमें बिजनेस पर बड़ा असर डालने की क्षमता नजर आती है.

AI प्राथमिकता बना, लेकिन जोखिमों को लेकर चिंता बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, 64% C-suite लीडर्स अब AI को निवेश की प्राथमिकता बना चुके हैं. इसके बावजूद पर्यावरणीय बदलावों और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता को लेकर उनका भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं है. भारत में AI को लेकर उत्साह और निवेश दोनों बढ़ रहे हैं लेकिन जॉब रोल्स को नए सिरे से डिजाइन करना और स्किल गैप को भरना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։

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