Տեխնիկական նորություններ

भूलकर भी पुराने नहीं खरीदने चाहिए स्मार्टवॉच समेत ये डिवाइसेस, नहीं तो पैसे देकर पछताना पड़ेगा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 24, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

[ad_1]

ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में पुराने स्मार्टफोन की तरह बाकी गैजेट भी बेचे और खरीदे जाते हैं. ऑनलाइन सर्च करेंगे तो आपको पुरानी स्मार्टवॉच से लेकर एयरपॉड्स और SSD ड्रोन तक मिल जाएंगे. इसी तरह आप बाजार जाकर भी ऐसे पुराने गैजेट खरीद सकते हैं. पुराने होने के कारण ये आपको कम कीमत पर मिल जाते हैं, लेकिन क्या आपको इन गैजेट को पुराना होने पर भी खरीदना चाहिए? आज हम जानेंगे कि किन पुराने गैजेट को खरीदने से आपको बचना चाहिए.

स्मार्टवॉचेज

अगर आपको स्मार्टवॉच की जरूरत है तो नई खरीदना बेहतर होगा. पुरानी स्मार्टवॉचेज में सबसे बड़ा इश्यू बैटरी को लेकर होता है. इनमें बहुत छोटी बैटरी लगी होती है, जो बार-बार चार्ज होने के बाद डीग्रेड होना शुरू हो जाती है. ऐसे में अगर आप पुरानी स्मार्टवॉच लेते हैं तो इस बात के ज्यादा चांस हैं कि उसकी बैटरी ज्यादा न चले. ऐसे में आपको बैटरी रिप्लेसमेंट के लिए भी पैसे खर्च करने पडे़ंगे.

इन-ईयर हेडफोन

इन-ईयर हेडफोन या एयरपॉड्स आदि को पुराना खरीदने से बचना चाहिए. इसमें सबसे बड़ी चिंता हाइजिन को लेकर रहती है. अगर आप सिलिकॉन ईयर टिप बदल भी लेते हैं तो भी बड्स को पूरी तरह क्लीन करने का कोई तरीका नहीं है. हाइजिन के अलावा पुराने एयरपॉड्स और हेडफोन आदि में कम बैटरी लाइफ की टेंशन भी रहती है.

पुरानी SSDs

SSDs (सॉलिड-स्टेट ड्राइव्स) हार्ड ड्राइव के मुकाबले फास्ट और कॉम्पैक्ट होती हैं. हालांकि, इसके कई नुकसान भी है. जब भी आप इसमें डेटा राइट करते हैं, इसकी मेमोरी सेल्स डीग्रेड होती है. ऐसे में यह जल्द ही अपनी लिमिट तक पहुंच जाती है. पिछले कुछ समय से SSD के दाम बढ़ रहे हैं तो लोगों को पुरानी खरीदना सस्ता लग रहा है, लेकिन ऐसा करने के बाद पछताना भी पड़ सकता है. यह बहुत मायने रखता है कि पुरानी SSD को कैसे यूज किया गया है और इसका पता लगाना मुश्किल होता है.

ड्रोन

ड्रोन के साथ क्रैश होने के ज्यादा चांस होते हैं और सिर्फ देखकर पता नहीं लगाया जा सकता कि कोई ड्रोन कितनी बार क्रैशन हुआ है. साथ ही आप यह भी पता नहीं लगा सकते कि यह कितने घंटे उड़ चुका है. ड्रोन की एक्सटर्नल बैटरी को बदलना आसान है, लेकिन अगर ये ज्यादा चल चुकी हैं तो आप पुराना ड्रोन खरीदकर जो पैसे बचाएंगे, वो इन महंगी बैटरियों पर खर्च करने पड़ जाएंगे. ऐसे में आपको पुराना ड्रोन भी नए के बराबर पड़ जाएगा.

ये भी पढ़ें-

Face ID Vs Fingerprint: कौन-सा तरीका बेहतर और ज्यादा सेफ है? यहां जान लें जवाब

[ad_2]

Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։