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मरने के बाद आपके सोशल मीडिया अकाउंट का क्या होता है? Meta ने दिया चौंकाने वाला जवाब

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 14, 2026
1 min read 1.2k views
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Social Media Account: इंसान के जाने के बाद उसकी डिजिटल पहचान का क्या होता है यह सवाल आज के दौर में पहले से ज्यादा अहम हो गया है. जहां जीवन के बाद की दुनिया का जवाब किसी के पास नहीं वहीं टेक कंपनियां डिजिटल दुनिया में इसका समाधान खोजने में लगी हैं. हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, Meta ने एक ऐसा पेटेंट हासिल किया है जो किसी व्यक्ति की गैरमौजूदगी या मृत्यु के बाद उसके सोशल मीडिया अकाउंट को AI के जरिए सक्रिय बनाए रख सकता है.

AI बन सकता है आपका डिजिटल प्रतिनिधि

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में Meta को एक पेटेंट मिला जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम का जिक्र है. यह पेटेंट 2023 में फाइल किया गया था और इसमें बताया गया है कि एक एडवांस लैंग्वेज मॉडल यूजर के पुराने पोस्ट, कमेंट, लाइक और अन्य गतिविधियों के आधार पर उसके व्यवहार की नकल कर सकता है.

इस सिस्टम का मकसद यह है कि यदि कोई यूजर लंबे समय तक प्लेटफॉर्म से दूर रहता है या उसका निधन हो जाता है तो AI उसकी ऑनलाइन मौजूदगी को उसी अंदाज में जारी रख सके. यानी डिजिटल दुनिया में उसका एक तरह का वर्चुअल एडिशन एक्टिव रह सकता है.

आखिर इसकी जरूरत क्यों?

कंपनी के दस्तावेजों में कहा गया है कि जब कोई यूजर अचानक प्लेटफॉर्म से गायब हो जाता है तो उसका प्रभाव दोस्तों और परिवार पर पड़ता है. यदि वह व्यक्ति हमेशा के लिए लौटकर नहीं आने वाला हो तो यह असर और गहरा हो सकता है.

ऐसे में AI आधारित डिजिटल प्रोफाइल उनके करीबी लोगों को मानसिक सहारा दे सकती है. वे उस व्यक्ति के डिजिटल रूप से संवाद कर सकेंगे जिससे उन्हें भावनात्मक राहत मिल सकती है.

ग्रीफ टेक का बढ़ता चलन

यह विचार बिल्कुल नया नहीं है. टेक इंडस्ट्री में ग्रीफ टेक नाम से एक नया सेक्टर उभर रहा है जिसमें ऐसे टूल्स बनाए जा रहे हैं जो किसी दिवंगत व्यक्ति की यादों या व्यवहार को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखते हैं.

Replika और You, Only Virtual जैसी कंपनियां पहले ही इस दिशा में काम कर रही हैं. इसके अलावा Microsoft ने 2021 में एक ऐसा चैटबॉट पेटेंट कराया था जो मृत व्यक्ति के व्यवहार की नकल कर सकता है. इन तकनीकों का उद्देश्य लोगों को शोक से उबरने में मदद देना है.

ब्रेक लेने पर भी रहेगा अकाउंट एक्टिव

यह तकनीक सिर्फ मृत्यु तक सीमित नहीं है. अगर कोई यूजर सोशल मीडिया से अस्थायी ब्रेक लेता है तो भी AI उसके अकाउंट को सक्रिय बनाए रख सकता है. इससे फॉलोअर्स के साथ जुड़ाव बना रहेगा और एंगेजमेंट पर असर कम होगा.

क्या वाकई लागू होगा यह सिस्टम?

हालांकि यह विचार सुनने में भविष्य की किसी काल्पनिक कहानी जैसा लगता है लेकिन Meta ने साफ किया है कि फिलहाल इस पेटेंट को लागू करने की उसकी कोई योजना नहीं है. टेक कंपनियां अक्सर कई कॉन्सेप्ट पर पेटेंट फाइल करती हैं जिनमें से कई कभी वास्तविक उत्पाद नहीं बनते.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։