Տեխնիկական նորություններ

स्पैम कॉल और फ्रॉड मैसेज पर TRAI का बड़ा वार! अब ठगों की खैर नहीं, नए सख्त नियम लागू

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By Aman Shanti .In On March 4, 2026
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TRAI New Rule: देश में लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल और ठगी वाले मैसेज की समस्या को देखते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. अब किसी संदिग्ध नंबर की पहचान होते ही कार्रवाई टालने की गुंजाइश नहीं रहेगी.

27 फरवरी को जारी आदेश के तहत सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को अपनी एआई और मशीन लर्निंग प्रणाली को और प्रभावी बनाकर संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कदम उठाने के लिए कहा गया है. मकसद साफ है डिजिटल धोखाधड़ी पर तेज और ठोस रोक.

AI से पकड़े गए संदिग्ध नंबर की जानकारी 2 घंटे में साझा करना अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी कंपनी की एआई प्रणाली किसी मोबाइल नंबर को संदिग्ध मानती है तो उस जानकारी को अधिकतम दो घंटे के भीतर संबंधित दूसरे ऑपरेटर के साथ साझा करना होगा. यह पूरी प्रक्रिया ब्लॉकचेन आधारित DLT (डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी) प्लेटफॉर्म के जरिए होगी जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित और छेड़छाड़ रहित रहेगा. 

इससे यह सुनिश्चित होगा कि शिकायत आने का इंतजार किए बिना ही संदिग्ध नंबरों पर निगरानी शुरू हो जाए. साथ ही, ऐसे मामलों में टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिनों के भीतर जरूरी कार्रवाई भी करनी होगी.

कॉल करने और रिसीव करने वाले ऑपरेटर दोनों जिम्मेदार
अब केवल एक कंपनी पर जिम्मेदारी नहीं होगी. जिस नेटवर्क से संदिग्ध कॉल की गई और जिस नेटवर्क पर कॉल पहुंची दोनों को मिलकर कार्रवाई करनी होगी. एआई सिस्टम कॉल लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) स्तर पर ही संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित करेगा जिससे फर्जी कॉल करने वालों की पहचान आसान हो सके.

बार-बार शिकायत पर नंबर होगा ब्लॉक
अगर किसी मोबाइल नंबर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर पांच या उससे अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं तो संबंधित ऑपरेटर को तुरंत कदम उठाना होगा. ऐसे नंबर को अस्थायी या स्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है ताकि आगे होने वाली ठगी को रोका जा सके. यह कदम खास तौर पर यूपीआई फ्रॉड, फर्जी बैंक मैसेज, लोन ऑफर और नकली केवाईसी अपडेट जैसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है.

मोबाइल यूज़र्स पर क्या होगा असर?
भारत में एक अरब से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं और उनमें से बड़ी संख्या स्पैम कॉल और फर्जी संदेशों से परेशान रही है. कई लोग बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी ठगी का शिकार भी हुए हैं.

नए नियमों के लागू होने से उम्मीद है कि एआई आधारित तेज निगरानी और सख्त कार्रवाई के चलते डिजिटल फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी. इससे आम उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद टेलीकॉम अनुभव मिल सकता है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։