Ավտո նորություններ

12 करोड़ है कानपुर वाली लैंबोर्गिनी की कीमत, ड्यूटी 15 करोड़, रोड टैक्स अलग, दुनिया में ऐसी केवल 30 कारे

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 10, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

[ad_1]

क्या आपको मालूम है कि कानपुर में शिव मिश्रा ने जिस लैंबोर्गिनी से कई लोगों को चोटें आईं और एक्सीडेंट हुआ, उसकी कीमत कितनी है. आप निश्चित तौर पर इसके बारे में जानकर हैरान रह जाएंगे. चूंकि ये लिमिटेड एडीशन वाली लैंबोर्गिनी है, लिहाजा इसकी कीमत 12 करोड़ रुपए है. एक साधारण लैंबोर्गिनी कार की कीमत यूं भी 4.5 करोड़ से कम नहीं होती. इसे विदेश से लाया गया है, लिहाजा इस पर इसकी कीमत से ज्यादा ड्यूटी लग गई होगी. यूपी में इस कार पर कम से कम 2-3 करोड़ का रोड टैक्स होगा.

हो गए ना ये सब जानकर हैरान. हां, यही सच्चाई है. आपको ये बता दें कि लैंबोर्गिनी ने अपनी ये स्पेशल लिमिटेड एडीशन पिछले साल ही निकाला था. माना जाता है कि भारत में ये एक दो से ज्यादा शायद ही हो. ये 12 करोड़ की लिमिटेड एडिशन लैंबोर्गिनी शायद फेनोमेनो (Fenomeno) मॉडल है, इस एडीशन की बहुत कम कारें बनाई गईं.

ये लिमिटेड एडिशन मॉडल, केवल 30 कारें

ये लिमिटेड एडीशन लैंबोर्गिनी अगस्त 2025 में मांटेरी कार वीक पर लांच की गई. इटली की लैंबोर्गिनी कंपनी कलेक्टर्स के लिए कुछ खास मॉडल हमेशा लांच करती है लेकिन ये बहुत कम संख्या में बनती हैं. इस लिमिटेड एडीशन की मुश्किल से 30 कारें बनाई गईं थीं. ये सभी तुरंत बिक भी गईं. ग्राहक सीधे लैंबोर्गिनी के एड पर्सोनम स्टूडियो से ऑर्डर करते हैं. कानपुर हादसे वाली कार तंबाकू कारोबारी परिवार ने इंपोर्ट कराई होगी, शायद दुबई या यूरोप से.

इसमें 6.5L V12 हाइब्रिड इंजन है, जो 1,080 हार्सपॉवर का होगा. ये कार 2.4 सेकेंड में 100 की स्पीड पकड़ लेती है. इसकी टॉप स्पीड 340 किलोमीटर प्रति घंटा है. चेसिस कार्बन फाइबर मोनोकोक की होती है. चूंकि ये लिमिटेड एडीशन है, लिहाजा इसकी डिजाइन एक्सक्लूसिव और एयरोडायनामिक्स भी खास है.

सुपरकार पर कितना इंपोर्ट टैक्स

आमतौर पर ऐसी सुपर कार जब भारत में बाहर से इंपोर्ट की जाती है तो इस पर 100-200% कस्टम ड्यूटी लगती है और 28% जीएसटी. राज्य का टैक्स अलग. 12 करोड़ रुपए की इस कार पर कुल टैक्स ₹15-25 करोड़ तक हो सकता है. यूपी में करीब ₹2-3 करोड़ अलग से लगा होगा.

भारत में 4 करोड़ से शुरू होती है कीमत

लैंबॉर्गिनी की गाड़ियां इटली के सैंट’अगाटा बोलोग्नीज़ में बनती हैं, जहां कंपनी का हेडक्वार्टर और मेन प्रोडक्शन साइट है. कीमतें मॉडल और इलाके के हिसाब से अलग-अलग होती हैं; भारत में आमतौर पर इसके चार मॉडल बिकते हैं. उसके उरुस मॉडल की कीमतें करीब ₹4.18 करोड़ से शुरू होती हैं. रेवुएल्टो मॉडल 8.89 करोड़ रुपए तक जाता है.

लैंबॉर्गिनी की मेन फैक्ट्री उत्तरी इटली में बोलोग्ना के पास सैंट’अगाटा बोलोग्नीज़ में है, जो 160,000 स्क्वायर मीटर से ज़्यादा में फैली हुई है. इस फैक्ट्री में करीब 1,800 कर्मचारी हैं. भारत में लैंबोर्गिनी की 3 ऑथराइज़्ड डीलरशिप हैं. ये मुंबई, नई दिल्ली और बैंगलोर जैसे बड़े शहरों में हैं.

भारत में हर साल कितनी लैंबोर्गिनी बिकती हैं

लैंबॉर्गिनी भारत में हर साल लगभग 100-110 कारें बेचती है. हाल के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 में 103 यूनिट, 2024 में 113 और 2025 में 111 यूनिट बिकीं. एक अनुमान के अनुसार अब भारत की सड़कों पर 800 लैंबॉर्गिनी कारें होंगी. और एक जानकारी ये भी है कि इन कारों की बुकिंग इतनी ज्यादा है कि इनके आर्डर 2027 तक फुल हो चुके हैं. वैसे फैक्ट्स ये भी बताते हैं कि सबसे ज्यादा लैंबोर्गिनी कारें यूपी में नोएडा में हैं. यूपी में ये गाड़ियां लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे जिलों में बढ़ रही हैं.

कौन लोग खरीदते हैं भारत में लैंबोर्गिनी

भारत में लैंबोर्गिनी खरीदने वाले ज़्यादातर 40 साल से कम उम्र के युवा और बहुत अमीर लोग हैं. इनमें सफल स्टार्टअप फाउंडर, टेक एंटरप्रेन्योर और मेट्रो और टियर-1/2 शहरों के हाई-नेट-वर्थ बिज़नेस ओनर शामिल हैं. ये खरीदार पैसा बनाने वालों की नई पीढ़ी को दिखाते हैं, जो अक्सर पहली पीढ़ी के अमीर प्रोफेशनल होते हैं जो लग्ज़री सुपरकार को प्राथमिकता देते हैं.

एक अपमान से शुरू हुई इसकी कहानी

लैंबोर्गिनी का इतिहास अहंकार, प्रतिशोध और असीम महत्वाकांक्षा की एक दिलचस्प कहानी है. यह ब्रांड 1963 में फेरुकियो लैंबोर्गिनी द्वारा स्थापित किया गया, जो एक सफल ट्रैक्टर निर्माता थे. कहानी ये है कि फेरुकियो के पास एक फेरारी कार थी. क्लच में समस्या होने पर उन्होंने संस्थापक एंजो फेरारी से शिकायत की. एंजो ने उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए कहा कि एक ट्रैक्टर बनाने वाले को स्पोर्ट्स कारों के बारे में क्या पता. इस अपमान ने फेरुकियो को ऐसी ठेठ इतालवी स्पोर्ट्स कार बनाने के लिए प्रेरित किया, जो फेरारी से बेहतर हो.

इसे दुनिया की पहली सुपरकार माना गया

लैंबोर्गिनी ने 1964 में पहली कार 350 जीटी पेश की, जिसने अपने वी12 इंजन, उत्कृष्ट हैंडलिंग और लक्जरी से सबको चौंका दिया. इसके बाद मिउरा (1966) आयी, जिसे दुनिया की पहली सुपरकार माना जाता है. इसकी मध्य-इंजन लेआउट डिजाइन ने भविष्य की सुपरकारों की राह तय कर दी. काउंटैच (1974) मॉडल ने तो क्रांति ही ला दी, जिसके कील-कीड़े वाले दरवाजे और आक्रामक डिजाइन ने इसे एक आइकन बना दिया. हालांकि, 1970 के दशक में तेल संकट और वित्तीय समस्याओं के कारण कंपनी को दिवालिया होना पड़ा. तब ये कई हाथों में घूमती रही.

लैंबोर्गिनी ने 1980 में एलएम002 ऑफ-रोड वाहन पेश किया गया, जो आज के एसयूवी ट्रेंड का अग्रदूत था लेकिन लैंबोर्गिनी की असली कायापलट 1998 में हुई, जब जर्मन ऑटोजायंट ऑडी ने इसे खरीदा. ऑडी के निवेश, इंजीनियरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण ने लैंबोर्गिनी को नया जीवन दिया.

मुरसिएलागो (2001) और गैलार्डो (2003) ने ब्रांड को मुख्यधारा में सुपरकार राजा बना दिया. गैलार्डो अब तक का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल बना. अवेंटाडोर (2011) और हुराकान (2014) ने कार दुनिया में तहलका मचा दिया. अवेंटाडोर का बिजली डिजाइन और वी12 इंजन इसे एक सपना बना देता है.
यूरस (2018) एसयूवी ने कंपनी की बिक्री और लोकप्रियता को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, जिससे यह एक प्रॉफिटेबल ब्रांड बन गया.

विलासिता का सिंबल

लैंबोर्गिनी कारें केवल वाहन नहीं, बल्कि विलासिता और लग्जरी का सिंबल हैं. काफी ज्यादा हॉर्सपावर, रॉकेट जैसा एक्सिलरेशन यानि 2.9 सेकेंड में 100 की स्पीड पकड़ लेना और गर्जन भरी आवाज़ इसे दूसरी कारों से अलग बनाती है.

हॉलीवुड फिल्मों, वीडियो गेम्स, और सेलिब्रिटी संस्कृति में लैंबोर्गिनी सफलता और विलासिता का पर्याय बन चुका है. यह “अपार धन” का अंतिम प्रतीक है. ऊंची कीमतों और सीमित संख्या में उत्पादन के कारण यह कारें दुर्लभ और हमेशा डिमांड में रही हैं. लैंबोर्गिनी के निर्माता कहते हैं कि वो केवल कारें नहीं बेचते बल्कि सपने, भावनाएं और जुनून बेचते हैं. इसका क्रेज दुनिया भर के ऑटो-उत्साही लोगों के दिलों पर राज करता है.

[ad_2]

Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։