Bihar Politics: राज्यसभा का नामांकन और नीतीश कुमार का दिल्ली प्रस्थान, क्या अब बदल जाएगा बिहार का पूरा सत्ता समीकरण?

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On March 5, 2026
2 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

[ad_1]

बिहार की राजनीति में पिछले कई दशकों से जिस एक नाम के इर्द-गिर्द पूरी सत्ता घूमती रही, आज उस अध्याय में एक नया और ऐतिहासिक मोड़ आ गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा अब केवल कयासों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आज 5 मार्च 2026 को उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

इस घटना ने पटना के 1-अणे मार्ग से लेकर दिल्ली के लुटियंस जोन तक राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुँचा दिया है. यह परिवर्तन सिर्फ एक व्यक्ति के पद बदलने का नहीं है, बल्कि इसके पीछे बिहार की सत्ता संरचना, गठबंधन के भविष्य और आने वाले वर्षों की राजनीतिक दिशा से जुड़े वे गंभीर सवाल हैं, जो अब हकीकत बनकर सामने खड़े हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर नीतीश कुमार का स्वागत करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं. शाह ने उनके ‘बेदाग’ शासन और बिहार को ‘जंगलराज’ से बाहर निकालने के योगदान को सराहा. राजनीतिक विश्लेषक इसे गठबंधन की एक सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं, लेकिन यदि इन घटनाओं को ज्योतिषीय दृष्टि से गहराई से पढ़ा जाए, तो समझ आता है कि यह दौर बिहार के लिए एक बड़े ‘संक्रमण काल’ की शुरुआत है.

नीतीश कुमार की जन्म कुंडली: ग्रहों का अदृश्य संकेत

इंटरनेट पर उपलब्ध नीतीश कुमार की जन्म कुंडली, उनकी वर्तमान ग्रह दशा और आज के इस ताजा राजनीतिक घटनाक्रम को एक साथ रखकर देखें तो यह स्पष्ट होता है कि उनकी भूमिका अब राज्य की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रव्यापी होने वाली है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार नीतीश कुमार का जन्म विवरण:

  • जन्म तिथि: 1 मार्च 1951
  • जन्म समय: लगभग 1:30 PM
  • जन्म स्थान: बख्तियारपुर, पटना, बिहार

उनकी कुंडली में मिथुन लग्न बनता है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है. उनकी कुंडली का सबसे प्रभावशाली केंद्र 9वां भाव (भाग्य स्थान) है जहां कुंभ राशि है, यहां सूर्य, बुध, गुरु और राहु एक साथ विराजमान हैं. यही वह दुर्लभ ग्रह समूह है जो उन्हें एक असाधारण राजनेता बनाता है. यही वजह है कि स्वास्थ्य को लेकर होनी वाली चर्चाओं के बीच भी वे प्रभावी बने हुए, कारण साफ है कि उनका भाग्य बहुत प्रबल है.

भाग्य भाव में चतुर्ग्रही योग: ‘सूर्यगुरुसम्बन्धे राज्यलाभः’

मिथुन लग्न की कुंडली में कुंभ राशि नवम भाव (भाग्य भाव) होती है. नवम भाव को भाग्य, उच्च नीति, धर्म और सर्वोच्च संस्थानों का स्थान माना जाता है.

जब सूर्य, गुरु और बुध जैसे शक्तिशाली ग्रह यहां एक साथ बैठते हैं, तो व्यक्ति का जीवन प्रशासन और सत्ता के शीर्ष सोपानों से जुड़ जाता है. बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में इस स्थिति को लेकर स्पष्ट उल्लेख है:

‘सूर्यगुरुसम्बन्धे राज्यलाभः.’

अर्थात सूर्य और गुरु का यह संबंध व्यक्ति को निरंतर राजकीय पद और सत्ता के केंद्र में बनाए रखता है. यहां राहु की उपस्थिति इस योग को और भी गूढ़ बना देती है. राहु राजनीति में एक ऐसे व्यक्तित्व को गढ़ता है जो पारंपरिक लीक से हटकर चलता है और जटिल परिस्थितियों में भी सत्ता का मार्ग प्रशस्त कर लेता है. नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के राजनीतिक निर्णयों में यह ‘राहु तत्व’ साफ दिखाई देता है.

राहु महादशा (2011-2029): परिवर्तन का महादौर

नीतीश कुमार वर्तमान में राहु की महादशा के प्रभाव में हैं, जो 2029 तक चलने वाली है. ज्योतिष शास्त्र में राहु को अचानक होने वाले परिवर्तनों, रणनीतिक चालों और अप्रत्याशित मोड़ों का स्वामी माना गया है. फलदीपिका के अनुसार: ‘राहुः जनसमूहे प्रतिष्ठां ददाति.’

राहु व्यक्ति को जनसमूह में अगाध प्रतिष्ठा देता है और कई बार असामान्य रास्तों से सफलता दिलाता है. राजनीति में राहु की यह अवधि अक्सर बड़े सत्ता परिवर्तन या भूमिका के बदलाव का समय होती है. आज उनका राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना इसी राहु के प्रभाव की परिणति है, जहां एक अनुभवी नेता प्रत्यक्ष सत्ता की बागडोर छोड़कर रणनीतिक और मार्गदर्शक की भूमिका में दिल्ली आ रहा है.

वृश्चिक चंद्र और ‘नीच’ का प्रभाव: अचानक निर्णयों की शक्ति

नीतीश कुमार की कुंडली में चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, जिसे पाराशरी ज्योतिष में ‘नीच चंद्र’ कहा जाता है. बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में इसके स्वभाव को लेकर लिखा गया है: ‘नीचस्थे चन्द्रे चित्तचंचलता.’

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह ‘चंचलता’ व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार अचानक और कठोर निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. बिहार की राजनीति में उनके फैसलों को अक्सर विश्लेषक समझ नहीं पाए, लेकिन वे निर्णय हमेशा सत्ता के समीकरणों को उनके पक्ष में मोड़ने वाले साबित हुए. आज का नामांकन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है.

बिहार की सत्ता पर पड़ने वाले तात्कालिक प्रभाव

नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश के साथ ही बिहार में सत्ता के तीन नए आयाम खुलने वाले हैं:

  1. नेतृत्व का नया चेहरा: एनडीए के भीतर अब मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे पर सहमति बनेगी. वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शक की भूमिका में जाना गठबंधन की अगली पीढ़ी को रास्ता देने जैसा है.
  2. भाजपा का उदय: गृह मंत्री अमित शाह का खुले मन से स्वागत करना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब बिहार में नेतृत्व की अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
  3. विपक्ष की चुनौती: नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से विपक्ष को अपनी पूरी रणनीति फिर से तैयार करनी होगी, क्योंकि अब उनके सामने एक बदली हुई राजनीतिक संरचना होगी.

शपथ मुहूर्त और 2027 का भविष्य

20 नवंबर 2025 को जब बिहार की वर्तमान सरकार का गठन हुआ था, तब मकर लग्न उदय हो रहा था. ज्योतिष में मकर लग्न प्रशासनिक स्थिरता तो देता है, लेकिन 11वें भाव में ग्रहों का जमावड़ा गठबंधन के भीतर निरंतर दबाव और खींचतान का संकेत देता रहा है.

ग्रहों की चाल बताती है कि 2027 का समय बिहार के लिए और भी अधिक निर्णायक होगा. राहु की महादशा में सूर्य और शनि का प्रभाव जब सक्रिय होगा, तब बिहार में एक नई और पूर्णतः भिन्न शक्ति संरचना का उदय होगा.

अंत नहीं, एक भव्य विस्तार

नीतीश कुमार की कुंडली और आज का नामांकन यह स्पष्ट करते हैं कि उनकी राजनीति का समापन नहीं हो रहा, बल्कि उनकी भूमिका का विस्तार हो रहा है. कुर्सी भले ही बदल जाए, लेकिन असली शक्ति वही रहती है जो समीकरणों को जन्म देती है. जैसा कि आज अमित शाह ने कहा, ‘नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे हैं, यह संकेत है कि दिल्ली के दरबार में बिहार की आवाज अब और अधिक मुखर होने वाली है.

बिहार की राजनीति आने वाले वर्षों में कई करवटें लेगी, लेकिन इस महा-परिवर्तन की धुरी वही रहेंगे जो अब राज्यसभा के रास्ते देश की नीति निर्माण में अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- बिहार की सियासत बदली, सीएम से सांसद होने वाले हैं नीतीश कुमार, नाराजगी के बीच 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?

यह भी पढ़ें- Bihar CM Nitish Kumar Live: बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम बोले- हमने आगाह किया था, इन लोगों ने खिलवाड़ किया

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։