Տեխնիկական նորություններ

Cyber Alert : 2G नेटवर्क बना ठगों का नया हथियार, ऐसे हो रही ठगी

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 6, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Cyber Alert
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

Cyber Alert : अगर आपके फोन पर अचानक बिजली कटने, KYC अपडेट, रिवॉर्ड पॉइंट खत्म होने, पार्ट-टाइम जॉब या कूरियर अटका है जैसे मैसेजों की बाढ़ आ जाए तो इसे सिर्फ इत्तेफाक मानकर न टालें. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार ऐसे मैसेज आपके आसपास ही सक्रिय ठगों की करतूत होते हैं जो SMS ब्लास्टर या IMSI कैचर जैसे खतरनाक डिवाइसों का इस्तेमाल करते हैं.

SMS ब्लास्टर क्या है और कैसे करता है काम?

SMS ब्लास्टर दरअसल एक नकली मोबाइल टावर की तरह काम करता है. आमतौर पर फोन पास के असली टावर से जुड़ता है लेकिन ठग पोर्टेबल डिवाइस की मदद से कुछ देर के लिए असली सिग्नल को कमजोर कर देते हैं. इसके बाद आसपास मौजूद फोन, करीब 500 मीटर के दायरे में, अनजाने में उसी फर्जी नेटवर्क से जुड़ जाते हैं. जैसे ही कनेक्शन बनता है, फोन पर धोखाधड़ी वाले मैसेज आने लगते हैं.

2G नेटवर्क क्यों बनता है ठगों का हथियार?

इस पूरी चाल में सबसे अहम भूमिका 2G नेटवर्क की होती है. यह डिवाइस फोन को 4G या 5G जैसे सुरक्षित नेटवर्क से हटाकर पुराने 2G पर ले आता है, जहां सुरक्षा काफी कमजोर होती है. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर ठग मैसेज भेजने वाले का नाम बदल देते हैं. नंबर की जगह स्क्रीन पर HDFC-BANK, SBI-SEC या INCOME-TAX जैसे नाम दिखते हैं जिससे मैसेज असली लगने लगता है और लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं.

मैसेज में छुपा होता है असली जाल

इन मैसेजों में या तो डर पैदा किया जाता है या लालच दिया जाता है. कहीं बैंक खाता बंद होने की धमकी होती है, कहीं हजारों रुपये के रिवॉर्ड खत्म होने की बात तो कहीं बिजली काटने या कूरियर अपडेट का झांसा. कई मैसेज पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर रोज कमाई का वादा करते हैं. इनमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही बैंक डिटेल्स लीक हो सकती हैं निजी जानकारी हाथ से निकल सकती है और OTP आधारित सुरक्षा भी कमजोर पड़ जाती है.

देशभर में तेजी से फैल रहा है यह खेल

हाल के महीनों में ऐसी ठगी के मामले तेजी से सामने आए हैं. दिसंबर 2025 में CBI ने दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ में एक साथ छापेमारी कर बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जो रोज लाखों फर्जी मैसेज भेज रहा था. जांच में सैकड़ों USB हब, सर्वर और हजारों फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए. टेलीकॉम सिस्टम से जुड़े कुछ अंदरूनी लोगों की भूमिका पर भी शक जताया गया.

विदेशी कनेक्शन और करोड़ों की ठगी

जनवरी 2026 में हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने विदेशी लिंक वाले गिरोह को पकड़ा जिसने फर्जी ट्रेडिंग ऐप और बैंक अलर्ट के जरिए 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी. आरोपियों के पास SMS ब्लास्टर थे जिनसे वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में बैंक जैसे नामों से मैसेज भेजते थे. जांच में इनके कंबोडिया और चीन से जुड़े तार भी सामने आए.

बढ़ते आंकड़े और डराने वाली सच्चाई

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 2024 से 2025 के बीच टेलीकॉम फ्रॉड के मामले करीब 300 प्रतिशत बढ़े हैं. I4C के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में साइबर ठगी से लोगों को 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ और 40 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं. सरकार ने 15 लाख से अधिक संदिग्ध सिम और 5 लाख से ज्यादा मोबाइल IMEI ब्लॉक किए, फिर भी ठग नए तरीके निकाल रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल ठगी गई रकम का सिर्फ 10–12 प्रतिशत ही वापस मिल पाता है.

खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

विशेषज्ञों की सलाह है कि फोन की सेटिंग में जाकर 2G नेटवर्क को बंद कर देना एक बड़ा बचाव हो सकता है क्योंकि ठग इसी का फायदा उठाते हैं. बैंक या किसी सर्विस प्रोवाइडर के नाम से आए लिंक पर आंख बंद कर क्लिक न करें और हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें. अगर अचानक आपके फोन से 4G या 5G गायब हो जाए और सिर्फ 2G दिखने लगे तो इसे चेतावनी समझें और सतर्क हो जाएं.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։