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Cyber Fraud पर सर्जिकल स्ट्राइक! सभी बैंकों में लागू होगा MuleHunter AI, जानिए ये कैसे चुटकियों में पकड़ेगा फर्जी अकाउंट

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 15, 2026
1 min read 1.2k views
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RBI MuleHunter AI: देश में तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है. डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ठगी के मामलों में भी इजाफा हुआ है और करोड़ों रुपये की ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं. इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेने जा रही है. इसी दिशा में ‘MuleHunter.ai’ नाम का एक खास एआई टूल चर्चा में है जिसे सभी बैंकों में लागू करने पर जोर दिया जा रहा है.

क्या है MuleHunter.ai?

MuleHunter.ai को Reserve Bank of India ने अपनी सहयोगी संस्था Reserve Bank Innovation Hub के जरिए दिसंबर 2024 में पेश किया था. यह एक एडवांस एआई आधारित सॉफ्टवेयर है जिसे खास तौर पर म्यूल अकाउंट यानी ऐसे बैंक खातों की पहचान के लिए तैयार किया गया है जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या साइबर ठगी में किया जाता है.

म्यूल अकाउंट आमतौर पर ऐसे खाते होते हैं जिन्हें फर्जी तरीके से खुलवाया जाता है या जिनका उपयोग अपराधी दूसरों के पैसे ट्रांसफर करने और उन्हें गायब करने के लिए करते हैं. इस सॉफ्टवेयर का मकसद ऐसे खातों को समय रहते पकड़ना और सिस्टम में उन्हें चिह्नित करना है.

सरकार क्यों चाहती है इसका व्यापक इस्तेमाल?

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सभी बैंकों से इस एआई टूल को अपनाने की अपील की है. पहले चरण में इसे सीमित संख्या में बैंकों के साथ लागू किया गया था लेकिन अब सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा बैंक इसे अपने सिस्टम में शामिल करें ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.

बताया गया है कि यह एआई सिस्टम हर महीने हजारों संदिग्ध खातों की पहचान करने में सक्षम रहा है. सरकार का मानना है कि यदि सभी बैंक इसे अपनाते हैं तो फर्जी लेन-देन और ठगी के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सकती है.

कैसे काम करता है यह एआई सिस्टम?

MuleHunter.ai को बड़े डाटा सेट्स के जरिए प्रशिक्षित किया गया है. यह बैंक खातों की गतिविधियों, ट्रांजेक्शन पैटर्न और व्यवहार को बारीकी से समझता है. अगर किसी खाते में असामान्य गतिविधि या म्यूल अकाउंट जैसी विशेषताएं पाई जाती हैं तो सिस्टम उसे तुरंत चिन्हित कर देता है. इससे बैंक समय रहते कार्रवाई कर सकते हैं और आम लोगों के पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं.

चूंकि यह प्लेटफॉर्म देश के केंद्रीय बैंक द्वारा विकसित किया गया है इसलिए इसमें सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है. इन-हाउस विकसित होने के कारण इसकी निगरानी और नियंत्रण भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है.

साइबर सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस दौर में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है. MuleHunter.ai जैसे एआई टूल का व्यापक इस्तेमाल न सिर्फ बैंकों की सुरक्षा मजबूत करेगा बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ाएगा. अगर इसे देशभर में प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है तो साइबर ठगी के खिलाफ यह एक मजबूत ढाल साबित हो सकता है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։