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Delhi EV Policy : क्‍या दिल्‍ली में बंद हो जाएंगे पेट्रोल वाले बाइक और स्‍कूटर ?

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 12, 2026
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Delhi EV Policy : दिल्ली में रजिस्‍टर्ड कुल वाहनों में से लगभग 67% दोपहिया वाहन है. इसलिए अगर दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक में बद दिया जाए तो प्रदूषण में महत्वपूर्ण कमी लाई जा सकती है. दिल्‍ली ईवी पॉलिसी में पेट्रोल बाइक्‍स पर सख्‍ती की गई है.

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क्‍या दिल्‍ली में बंद हो जाएंगे पेट्रोल वाले बाइक और स्‍कूटर ? Zoom

2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर्स का भी पंजीकरण नहीं किया जाएगा.

नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम करने और साफ-सुथरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा ने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी 2026-30 बना रही है. दिल्‍ली सरकार ने इसका ड्राफ्ट जारी कर दिया है. इस मसौदे पर अब आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं. लोगों से मिले सुझावों के आधार पर ही अंतिम नीति तैयार की जाएगी. इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता घटाना है. ईवी पॉलिसी के ड्राफ्ट में पेट्रोल मोटरसाइकिल और स्‍कूटर तथा सीएनजी तिपहिया वाहनों पर भी सख्‍ती का प्रावधान किया गया है. इसी से कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्‍या दिल्‍ली पेट्रोल बाइक पर बैन लगने जा रहा है.

ईवी पॉलिसी के ड्रफ्ट के अनुसार, राजधानी में 2027 से नए थ्री-व्हीलर रजिस्ट्रेशन सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल के होंगे. वहीं 2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर्स का भी पंजीकरण नहीं किया जाएगा. इसका मतलब है कि अगर यह पॉलिसी लागू होती है तो अगले साल से नए सीएनजी थ्री व्‍हीलर का पंजीकरण आप नहीं करा पाएंगे और साल 2028 से पेट्रोल वाले दुपहिया वाहनों का भी रजिस्‍ट्रेशन नहीं होगा. इस तरह सीएनजी वाले नए थ्री-व्‍हीलर और पेट्रोल वाले टू-व्‍हीलर दिल्‍ली की सड़कों पर नहीं आएंगे.

क्‍या पेट्रोल बाइक हो जाएगी बैन

ड्राफ्ट पॉलिसी में दिल्‍ली में वर्तमान में चल रहे सीएनजी थ्री-व्‍हीलर और पेट्रोल वाली बाइक पर बैन लगाने का कोई जिक्र नहीं है. इससे पता चलता है कि पुराने वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. बस नए सीएनजी और पेट्रोल वाले वाहनों को दिल्‍ली की सड़कों पर आने से रोके जाने का प्रावधान किया गया है.

दिल्ली में रजिस्‍टर्ड कुल वाहनों में से लगभग 67% दोपहिया वाहन है. इसलिए अगर दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक में बद दिया जाए तो प्रदूषण में महत्वपूर्ण कमी लाई जा सकती है. इसके अलावा, तीनपहिया वाहन, वाणिज्यिक कारें और N1 श्रेणी के मालवाहक वाहन रोजाना अधिक इस्‍तेमाल और लंबी दूरी करने की वजह से ज्‍यादा प्रदूषण फैलाते हैं.

ईवी खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी

इस ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आकर्षित करने के लिए बड़े स्तर पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी. अगर कोई व्यक्ति 2.25 लाख रुपये तक की कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदता है, तो पहले साल उसे अधिकतम 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. दूसरे साल यह घटकर 20 हजार और तीसरे साल 10 हजार रुपये तक रह जाएगी.

इसी तरह इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा खरीदने पर पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार और तीसरे साल 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. वहीं, छोटे मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों (N1 कैटेगरी) पर पहले साल 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी, जो अगले वर्षों में घटती जाएगी.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։