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Honda ने 23 साल बाद South Korea में बंद की कार बिक्री, जानें वजह और EV प्लान

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 25, 2026
5 min read 1.2k views
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23 साल तक South Korea में मौजूद रहने के बाद Honda ने कार बिक्री बंद करने का बड़ा फैसला लिया है. घटती सेल, Hyundai-Kia का बढ़ता दबदबा और बदलती EV रणनीति इसके पीछे मुख्य कारण माने जा रहे हैं. आखिर क्यों Honda को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा और अब कंपनी की आगे की क्या योजना है? पूरी खबर में जानिए इस फैसले का असर और भविष्य की दिशा.

ख़बरें फटाफट

Honda ने एक झटके में बंद कर दिया 23 साल पुराना कारोबार! Zoom

Honda ने इस देश से अपना कारोबार समेट लिया है.

जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी Honda ने दक्षिण कोरिया में 23 साल बाद अपनी कार सेल को बंद करने का फैसला लिया है. ये कदम कंपनी की बदलती वैश्विक रणनीति और स्थानीय बाजार में लगातार घटती हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. Honda ने साल 2004 में दक्षिण कोरियाई बाजार में एंट्री की थी और शुरुआत में उसे अच्छी प्रतिक्रिया भी मिली थी, लेकिन समय के साथ कंपटीशन तेज होता गया और बिक्री में गिरावट आने लगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ कोरिया में Honda की कारों की मांग लगातार कम हो रही थी. स्थानीय कंपनियां जैसे Hyundai और Kia पहले से ही मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, वहीं जर्मन लग्जरी ब्रांड्स की पॉपुलरिटी भी तेजी से बढ़ी है. ऐसे में Honda के लिए इस बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था. कंपनी के कुछ मॉडल जैसे Accord और CR-V को सीमित ग्राहक ही मिल रहे थे, जिससे बिजनेस को टिकाए रखना मुश्किल होता जा रहा था.

बाइक और पावर प्रोडक्ट्स का बिजनेस जारी

Honda ने स्पष्ट किया है कि वह दक्षिण कोरिया में अपने मोटरसाइकिल और पावर प्रोडक्ट्स बिजनेस को जारी रखेगी. यानी कंपनी पूरी तरह से बाजार से बाहर नहीं जा रही है, बल्कि सिर्फ कार सेगमेंट में अपनी मौजूदगी खत्म कर रही है. ये फैसला कंपनी की लागत को कम करने और उन बाजारों पर फोकस करने के लिए लिया गया है, जहां उसे बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है.

कंपनी ने क्या कहा?

विशेषज्ञों का मानना है कि Honda का ये कदम ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों का हिस्सा है. आज के समय में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और नई तकनीकों पर तेजी से निवेश किया जा रहा है. Honda भी अब अपने संसाधनों को इलेक्ट्रिफिकेशन और फ्यूचर मोबिलिटी पर केंद्रित करना चाहती है. ऐसे में जिन बाजारों में कंपनी को पर्याप्त रिटर्न नहीं मिल रहा, वहां से बाहर निकलना एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है.

कुल मिलाकर, दक्षिण कोरिया से Honda का बाहर होना एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो ये दिखाता है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां अब तेजी से बदलते बाजार के अनुसार खुद को ढाल रही हैं. आने वाले समय में कंपनी का फोकस नए प्रोडक्ट्स, खासकर इलेक्ट्रिक कारों और एडवांस तकनीक पर रहेगा.

About the Author

Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें



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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։