Ավտո նորություններ

RC Transfer Online: घर बैठे कार या बाइक की RC अपने नाम कैसे करें? जानें पूरा प्रोसेस

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On March 13, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
RC Transfer process 2026 03 5369b53a3d221a6812269b96bfa32a16 1200x630.jpg
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

पुरानी कार या बाइक खरीदना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, लेकिन कई लोग अभी भी कागजी कार्रवाई के नाम से घबरा जाते हैं. अक्सर लोग आरसी (Registration Certificate) ट्रांसफर कराने के लिए आरटीओ (RTO) एजेंटों के चक्कर काटते हैं और उन्हें हजारों रुपये कमीशन के रूप में दे देते हैं.

आज के डिजिटल युग में भारत सरकार के परिवहन सेवा पोर्टल ने इस प्रक्रिया को इतना सरल बना दिया है कि आप घर बैठे अपने मोबाइल या लैपटॉप से आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप तरीका कि कैसे आप बिना किसी एजेंट को घूस दिए खरीदी हुई गाड़ी की आरसी अपने नाम करा सकते हैं.

डॉक्यूमेंट जुटाएं

सबसे पहले जरूरी डॉक्यूमेंट के बारे में जानते हैं. आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी (Scanned) मौजूद है. अगर नहीं है, तो उन्हें पहले जुटाएं. पूरी लिस्ट देख लीजिए-

  1. ओरिजिनल आरसी (RC): विक्रेता के पास मौजूद मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र.
  2. फॉर्म 29 और 30: ये स्वामित्व हस्तांतरण के लिए सबसे जरूरी फॉर्म हैं.
  3. बीमा प्रमाण पत्र (Insurance): गाड़ी का इंश्योरेंस वैध होना चाहिए.
  4. प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC): वैध पीयूसी सर्टिफिकेट साथ रखें.
  5. पते का प्रमाण (Address Proof): खरीदार का आधार कार्ड, वोटर आईडी या बिजली बिल रख लें.
  6. पैन कार्ड (PAN Card): खरीदार और विक्रेता दोनों का पैन कार्ड साथ रखें.
  7. चेसिस नंबर का प्रिंट: पेंसिल से पेपर पर लिया गया चेसिस नंबर का इंप्रेशन.

कैसे ट्रांसफर करें?

इन डॉक्यूमेंट्स को इकट्ठा करने के बाद प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. ऑनलाइन आरसी ट्रांसफर की स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस कुछ इस प्रकार है-

  • सबसे पहले भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (parivahan.gov.in) पर जाएं.
  • होमपेज पर Online Services टैब के अंदर Vehicle Related Services पर क्लिक करें. इसके बाद अपना राज्य चुनें जहां गाड़ी रजिस्टर्ड है.
  • अब एक नया पेज खुलेगा. यहां अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और Proceed पर क्लिक करें.
  • इसके बाद आपको कई विकल्प दिखेंगे, जिनमें से आपको Transfer of Ownership को चुनना होगा.
  • गाड़ी के चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक दर्ज करें. इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा. इसे दर्ज करने के बाद गाड़ी की पूरी डिटेल स्क्रीन पर आ जाएगी.
  • अब आपको खरीदार (स्वयं) की जानकारी भरनी होगी, जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर. इसी फेज़ में आपको Transfer of Ownership की फीस का भुगतान करना होगा.

आरसी ट्रांसफर की फीस अलग-अलग राज्यों और वाहन के प्रकार (टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर) के आधार पर अलग हो सकती है. आप नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं. पेमेंट के बाद रसीद डाउनलोड करना न भूलें.

फीस जमा करने के बाद क्या करें?

एक बार जब आप ऑनलाइन आवेदन कर देते हैं और फीस जमा कर देते हैं, तो प्रक्रिया का अगला हिस्सा शुरू करें, जो कुछ इस प्रकार है-

दस्तावेज अपलोड करें: कुछ राज्यों में सभी दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा होती है. अगर आपके राज्य में ये उपलब्ध है, तो फॉर्म 29, 30 और अन्य कागजात अपलोड करें. आपको फिजिकल वेरीफिकेशन के लिए RTO भी जाना पड़ सकता है.

अपॉइंटमेंट बुक करें: कई आरटीओ में आपको भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के लिए समय लेना पड़ सकता है. पोर्टल पर ही ‘Book Appointment’ का विकल्प मिलता है, उसे चुनें.

आरटीओ जाएं (यदि आवश्यक हो): चुनी हुई तारीख पर आपको खरीदार और विक्रेता के हस्ताक्षरित दस्तावेजों के साथ आरटीओ जाना पड़ सकता है. हालांकि, Contactless Services के तहत अब कई राज्यों में आरटीओ जाने की जरूरत नहीं होती और सारा काम आधार-बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) से हो जाता है.

किन बातों का रखें ध्यान?

इस प्रोसेस के दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है, अगर आपने उन बातों का ध्यान नहीं रखा, तो कानूनी प्रक्रिया में फंस सकते हैं. गाड़ी की RC ट्रांसफर कराते समय नीचे दी गई बातों का भी अच्छी तरह से ख्याल रखें-

  • समय सीमा: गाड़ी खरीदने के 30 दिनों के भीतर आरसी ट्रांसफर के लिए आवेदन कर देना चाहिए. देरी होने पर जुर्माना लग सकता है.
  • दूसरे राज्य की गाड़ी: अगर आप दूसरे राज्य से गाड़ी खरीद रहे हैं, तो आपको पहले उस राज्य के आरटीओ से NOC लेना होगा.
  • बैंक लोन: यदि गाड़ी पर लोन चल रहा है, तो पहले बैंक से एनओसी लेकर Hypothecation Termination की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, उसके बाद ही आरसी ट्रांसफर हो पाएगी.

सार: इस प्रोसेस को समझने के बाद आपको बिचौलियों को 2,000 से 5,000 रुपये अतिरिक्त देने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकारी फीस बहुत कम होती है. आमतौर पर टू-व्हीलर के लिए 300-500 और कार के लिए 600-1000 रुपये के बीच ही देने होते हैं.

थोड़ा सा समय निकालकर आप न केवल अपने पैसे बचा सकते हैं, बल्कि धोखाधड़ी से भी बच सकते हैं. अगली बार जब आप कोई पुरानी कार या बाइक खरीदें, तो मोबाइल उठाएं और खुद ही अपनी गाड़ी के मालिक बनें. हमारे ये टिप्स आपके काम आएंगे.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։