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इस देश में खुल गया रोबोट वाला स्कूल! घर के काम से लेकर फैक्ट्री की नौकरी तक, सारे काम की मिलेगी ट्रेनिंग

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On March 18, 2026
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Robot school opened in this country! From household work to factory jobs, you will get training for all the work.
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China Robot School: चीन अब रोबोटिक्स के क्षेत्र में एक नया कदम उठा रहा है जहां ह्यूमनॉइड रोबोट्स को सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं रखा जा रहा बल्कि उन्हें असली काम के लिए तैयार किया जा रहा है. देश में खास रोबोट स्कूल शुरू किए गए हैं जहां इन मशीनों को फैक्ट्री और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसका मकसद आने वाले समय में रोबोट्स को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करना है.

तेजी से बन रहे ट्रेनिंग सेंटर

चीन के कई प्रांत जैसे आन्हुई, झेजियांग और शानदोंग में तेजी से रोबोट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. हाल ही में हुए बड़े टेक शो में ह्यूमनॉइड तकनीक के सफल प्रदर्शन के बाद इस दिशा में काम और तेज हो गया है. शानदोंग के एक सेंटर में फिलहाल कई रोबोट्स को ट्रे उठाने, कपड़े फोल्ड करने और शेल्फ से सामान निकालने जैसे बेसिक काम सिखाए जा रहे हैं.

रोबोट ट्रेनिंग के लिए खास डेटा की जरूरत

रोबोट्स को ट्रेन करना सामान्य AI मॉडल से कहीं ज्यादा जटिल है. जहां अन्य AI सिस्टम इंटरनेट से टेक्स्ट या इमेज डेटा लेकर सीखते हैं, वहीं ह्यूमनॉइड रोबोट्स को असली दुनिया में काम करके सीखना पड़ता है. इनके लिए जो डेटा जुटाया जाता है उसमें शरीर के जोड़ों की मूवमेंट, स्पीड, घुमाव, देखने की क्षमता, टच और दबाव जैसी चीजें शामिल होती हैं.

इसी जरूरत को पूरा करने के लिए चीन ने 40 से ज्यादा सरकारी सहयोग वाले डेटा सेंटर बनाए हैं जिनमें से कई पहले से काम कर रहे हैं. इन सेंटरों में इंसान और रोबोट साथ मिलकर बार-बार एक ही काम करते हैं ताकि हर छोटी-छोटी हरकत का डेटा रिकॉर्ड किया जा सके.

असली माहौल में दी जा रही ट्रेनिंग

कुछ कंपनियों ने रोबोट्स को ट्रेन करने के लिए पूरी तरह से असली माहौल जैसा सेटअप तैयार किया है. जैसे एक सेंटर में कार फैक्ट्री, स्मार्ट होम और बुजुर्गों की देखभाल जैसी जगहों का मॉडल बनाया गया है. यहां रोबोट्स को अलग-अलग परिस्थितियों में काम करना सिखाया जाता है.

कुछ रोबोट्स को वर्चुअल रियलिटी और मोशन कैप्चर तकनीक से लैस किया गया है जिससे वे बॉक्स उठाने, सामान छांटने और पैकिंग जैसे काम बेहतर तरीके से सीख पाते हैं. इन सेंटरों में हर साल लाखों डेटा एंट्री तैयार होती हैं और रोबोट्स की सफलता दर भी काफी ऊंची बताई जा रही है.

उद्योगों में जल्द होगी एंट्री

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रोबोट्स को असली परिस्थितियों में ट्रेन नहीं किया जाएगा तब तक तकनीक पूरी तरह विकसित नहीं हो सकती. चीन में सरकार की मदद से अब रोबोट्स को सीधे इंडस्ट्री में आजमाने की तैयारी हो रही है. आने वाले समय में सबसे पहले इन ह्यूमनॉइड रोबोट्स को ऑटोमोबाइल फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इस्तेमाल किया जाएगा जहां ज्यादा काम दोहराव वाले होते हैं. इससे कंपनियों की लागत कम होगी और काम की रफ्तार भी बढ़ेगी.

रोबोटिक्स कंपनियों को मिल रहा बड़ा फायदा

इन ट्रेनिंग सेंटरों से रोबोटिक्स कंपनियों को आर्थिक लाभ भी मिलने लगा है. कई जगहों पर बड़े स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट्स की बिक्री हो रही है जिससे इस सेक्टर में तेजी से ग्रोथ देखने को मिल रही है. चीन का यह कदम दिखाता है कि आने वाले समय में रोबोट्स सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं बल्कि रोजमर्रा के कामों का अहम हिस्सा बनने वाले हैं.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։