Տեխնիկական նորություններ

मार्केट में क्यों बढ़ रही बड़े स्क्रीन वाले laptop की डिमांड? सामने आई वजह

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On August 22, 2026
1 min read 1.2k views
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लैपटॉप की बढ़ती कीमतों के बीच मार्केट में अब laptop की डिमांड भी काफी तेजी से बढ़ रही है. लोग अब महंगे लैपटॉप की जगह पर टैबलेट को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. दरअसल, मेमोरि चिप की कमी की वजह से लगातार स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसी को देखते हुए लोग अब लैपटॉप की जगह पर टैबलेट को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

अब टैबलेट का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो देखने, ऑनलाइन क्लास या मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है. बड़े डिस्प्ले, ज्यादा रैम, बेहतर प्रोसेसर और कीबोर्ड सपोर्ट जैसे फीचर्स के कारण टैबलेट धीरे-धीरे रोजमर्रा के कंप्यूटिंग डिवाइस के तौर पर अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं.

बड़े स्क्रीन वाले laptop की मांग में जबरदस्त उछाल

Counterpoint Research के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-मार्च 2026 यानी Q1 में 13 इंच या उससे बड़े स्क्रीन वाले टैबलेट के शिपमेंट में सालाना बेस पर करीब 338% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं, 12 से 12.9 इंच वाले टैबलेट की बिक्री में 76% और 11 से 11.9 इंच वाले मॉडल में 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

वहीं, इसके विपरीत 10 से 10.9 इंच वाले टैबलेट की बिक्री 76% और 9.9 इंच या उससे छोटे मॉडल की बिक्री 52% घट गई है. इससे साफ समझ आता है कि ग्राहक अब छोटे टैबलेट की बजाय बड़े स्क्रीन वाले डिवाइस को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

महंगे laptop बने वजह

आपको बता दें कि लैपटॉप की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मेमोरी और कंपोनेंट की बढ़ती लागत एक बड़ी वजह मानी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में टैबलेट की औसत बिक्री में बढ़ोतरी देखी गई है.

ऐसे में जिन लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए महंगे लैपटॉप की जरूरत नहीं है, उनके लिए बड़ा स्क्रीन वाला टैबलेट एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. खासकर ऑनलाइन पढ़ाई, कंटेंट देखने, ऑफिस वर्क और इंटरनेट ब्राउजिंग जैसे काम टैबलेट पर आसानी से किए जा सकते हैं.

महंगे और ज्यादा RAM वाले टैबलेट भी पसंद

भारतीय ग्राहक अब केवल सस्ता टैबलेट खरीदने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. दरअसल, CMR के आंकड़ों के मुताबिक, 20,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले टैबलेट की हिस्सेदारी 86% शिपमेंट तक पहुंच गई और इस सेगमेंट में 92% की वृद्धि दर्ज की गई है.

स्पेसिफिकेशन की बात करें तो 6GB रैम वाले टैबलेट के शिपमेंट में सालाना बेस पर 284% की वृद्धि हुई जबकि 12GB रैम वाले मॉडल में ये बढ़ोतरी 835% तक पहुंच गई है. इसका मतलब है कि ग्राहक अब बेहतर मल्टीटास्किंग और लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए ज्यादा पावरफुल टैबलेट खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

क्या टैबलेट लैपटॉप की जगह ले लेगा?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बड़े स्क्रीन वाले टैबलेट को लोग लैपटॉप की जगह पर खरीदना पसंद कर रहे हैं लेकिन दोनों डिवाइस पूरी तरह एक-दूसरे से अलग हैं. ऐसे में ये दोनों डिवाइस एक दूसरे के ऑप्शन नहीं बन सकते हैं. प्रोफेशनल वीडियो एडिटिंग, प्रोग्रामिंग, हैवी ग्राफिक्स वाले काम के लिए लैपटॉप और डेस्कटॉप अभी भी ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं, पढ़ाई, ऑनलाइन मीटिंग, ई-बुक पढ़ने, मनोरंजन, सोशल मीडिया, वेब ब्राउजिंग और दूसरे प्रोडक्टिविटी कामों के लिए टैबलेट लोगों को ज्यादा बेहतर ऑप्शन लगता है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։