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पाकिस्तान-चीन की बढ़ी टेंशन! 1000KM दूर तक वार करने वाला भारत का खतरनाक ड्रोन तैयार, टेक्नोलॉजी जान रह जाएंगे दंग

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By Aman Shanti .In On March 18, 2026
1 min read 1.2k views
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Ghatak Drone
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Ghatak Drone: आज का युद्ध धीरे-धीरे जमीन से आसमान की ओर शिफ्ट हो रहा है जहां फाइटर जेट और ड्रोन सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे समय में जब चीन अपने एडवांस फाइटर जेट और नई ड्रोन टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहा है वहीं भारत भी अपनी ताकत को नए स्तर पर ले जाने में जुटा है. इसी दिशा में Defence Research and Development Organisation यानी DRDO एक खास तरह का बिना पायलट वाला लड़ाकू विमान विकसित कर रहा है जिसका नाम घातक रखा गया है. नाम के मुताबिक ही यह ड्रोन दुश्मन के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

स्टेल्थ डिजाइन

घातक’ की सबसे बड़ी खासियत इसका आधुनिक स्टेल्थ डिजाइन है. इसे इस तरह बनाया गया है कि यह पारंपरिक विमानों की तरह नजर नहीं आता. इसका फ्लाइंग-विंग स्ट्रक्चर और छिपे हुए इंजन इनटेक इसे रडार पर पकड़ पाना बेहद मुश्किल बना देते हैं. यही वजह है कि यह दुश्मन के मजबूत एयर डिफेंस वाले इलाकों में भी बिना आसानी से पकड़े गए प्रवेश कर सकता है और अपने मिशन को अंजाम दे सकता है.

1000 किलोमीटर दूर तक हमला करने की क्षमता

इस ड्रोन की ताकत सिर्फ इसके छिपकर उड़ने में ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता में भी है. साल 2022 में इसके SWiFT (स्टेल्थ विंग फ्लाइंग टेस्टबेड) प्रोटोटाइप के जरिए इसकी उड़ान और एयरोडायनामिक क्षमता का सफल परीक्षण किया जा चुका है. घातक को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह फाइटर जेट्स के साथ मिलकर भी काम कर सके. यह Sukhoi Su-30MKI, HAL Tejas Mk2 और आने वाले एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ तालमेल बनाकर मिशन को अंजाम दे सकेगा.

आकार में यह हल्के लड़ाकू विमान जैसा हो सकता है लेकिन इसकी उड़ान अवधि और सहनशक्ति कहीं ज्यादा होगी. करीब 13 टन के अधिकतम टेकऑफ वजन और लगभग 3.7 टन ईंधन क्षमता के साथ यह करीब 8 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. यही नहीं, यह 1000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर मौजूद टारगेट को सटीक तरीके से निशाना बना सकता है.

स्वदेशी इंजन से मिलेगी नई ताकत

इस ड्रोन को खास तौर पर भारत में विकसित किए जा रहे कावेरी इंजन के संशोधित संस्करण से चलाने की योजना है जिस पर अभी एडवांस स्तर पर परीक्षण चल रहा है. स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल से न सिर्फ इसकी क्षमता बढ़ेगी बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी.

भविष्य की हवाई ताकत का अहम हिस्सा

घातक सिर्फ एक ड्रोन नहीं बल्कि भारत की आने वाली सैन्य रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है. इसकी स्टेल्थ क्षमता, लंबी दूरी तक हमला करने की ताकत और आधुनिक तकनीक इसे भविष्य की जंग में गेम-चेंजर बना सकती है. आने वाले समय में यह भारत की हवाई ताकत को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։