Տեխնիկական նորություններ

Titan की खोज के लिए NASA बना रहा ये अनोखा ड्रोन! होंगे 8 पंखें, जानिए क्या है टेक्नोलॉजी

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By Aman Shanti .In On March 17, 2026
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NASA Drone: अंतरिक्ष अनुसंधान में एक और बड़ा कदम उठाते हुए NASA ने अपने महत्वाकांक्षी Dragonfly mission पर काम शुरू कर दिया है. इस मिशन के तहत एक खास तरह का ड्रोन तैयार किया जा रहा है जो शनि ग्रह के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन की सतह का अध्ययन करेगा. यह ड्रोन आकार में लगभग एक छोटी कार जितना होगा और इसे परमाणु ऊर्जा से चलने वाली सिस्टम से शक्ति मिलेगी. योजना के अनुसार इस मिशन को साल 2028 में लॉन्च किया जाएगा और लगभग छह साल की यात्रा के बाद यह 2034 में टाइटन पर पहुंचेगा. वहां यह चंद्रमा की सतह और वातावरण के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाएगा.

आठ पंखों वाला खास ऑक्टोकॉप्टर

Dragonfly को एक आठ रोटर वाले ड्रोन के रूप में डिजाइन किया गया है जिसे ऑक्टोकॉप्टर कहा जाता है. इसका निर्माण टाइटन के घने वातावरण को ध्यान में रखकर किया जा रहा है ताकि यह वहां आसानी से उड़ान भर सके. टाइटन का वातावरण पृथ्वी की तुलना में काफी घना है और वहां गुरुत्वाकर्षण भी कम है. इन दोनों वजहों से इस ड्रोन को उड़ान भरने में मदद मिलेगी. हालांकि टाइटन का अत्यधिक ठंडा वातावरण और पृथ्वी से सिग्नल आने-जाने में लगने वाला लगभग एक घंटे का समय इंजीनियरों के लिए चुनौती बना हुआ है.

परमाणु ऊर्जा से मिलेगा पावर

इस ड्रोन को ऊर्जा देने के लिए Multi-Mission Radioisotope Thermoelectric Generator का इस्तेमाल किया जाएगा. यह एक विशेष प्रकार की सिस्टम है जो रेडियोआइसोटोप से ऊर्जा पैदा करती है और लंबे अंतरिक्ष मिशनों में भरोसेमंद मानी जाती है. इसी तकनीक की मदद से Dragonfly लंबे समय तक टाइटन की सतह पर काम कर सकेगा और अलग-अलग स्थानों पर जाकर अध्ययन करेगा.

किस जगह उतरेगा ड्रोन

मिशन के तहत Dragonfly को टाइटन के भूमध्यरेखीय इलाके में स्थित Selk Crater के पास उतारने की योजना है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में जटिल कार्बनिक पदार्थ मौजूद हो सकते हैं जो कभी तरल पानी की मौजूदगी के कारण बने होंगे. ड्रोन यहां से उड़ान भरकर अलग-अलग इलाकों की जांच करेगा और वहां मौजूद रासायनिक तत्वों का अध्ययन करेगा.

कैमरे और सेंसर से करेगा खोज

Dragonfly अपने साथ कई वैज्ञानिक उपकरण लेकर जाएगा. इनमें कैमरे, स्पेक्ट्रोमीटर और अलग-अलग तरह के सेंसर शामिल होंगे. इनकी मदद से टाइटन की सतह पर मौजूद कार्बनिक पदार्थों और रासायनिक संरचनाओं का विश्लेषण किया जाएगा.

यह मिशन वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकता है कि टाइटन पर जीवन के अनुकूल परिस्थितियां कभी मौजूद थीं या नहीं. साथ ही वहां से जुटाए गए नमूनों का इस्तेमाल भविष्य के अंतरिक्ष अनुसंधान में भी किया जा सकता है.

2028 में होगी ऐतिहासिक उड़ान

Dragonfly मिशन को 2028 में Falcon Heavy रॉकेट की मदद से लॉन्च किया जाएगा. इसके बाद यह लगभग छह साल की लंबी यात्रा तय करके टाइटन तक पहुंचेगा. अगर यह मिशन सफल रहता है तो यह पहली बार होगा जब किसी दूसरे ग्रह के चंद्रमा की सतह पर उड़ने वाला ड्रोन इतने बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक खोज करेगा.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։