देश में अगर किसी सरकारी नौकरी को सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी वाली माना जाता है, तो वह है भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS. हर साल लाखों युवा इस सेवा में जाने का सपना देखते हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत करते हैं. लेकिन बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि जब कोई उम्मीदवार IAS बन जाता है, तो ट्रेनिंग के बाद उसे सबसे पहले कौन सा पद मिलता है और आगे उसका प्रमोशन कैसे होता है.
जब कोई उम्मीदवार UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करके IAS बनता है, तो सबसे पहले उसे ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. यह ट्रेनिंग उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में होती है. यहां उन्हें प्रशासन, कानून, सरकारी योजनाओं और जनता से जुड़े कामों की जानकारी दी जाती है.
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद IAS अधिकारी को उसकी पहली फील्ड पोस्टिंग दी जाती है. आमतौर पर यह पोस्टिंग सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), असिस्टेंट कलेक्टर या जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर होती है. इस पद पर अधिकारी को किसी जिले के एक हिस्से की जिम्मेदारी दी जाती है. इस दौरान अधिकारी प्रशासनिक कामों को करीब से समझते हैं. उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी योजनाओं को लागू करने और लोगों की समस्याओं को सुनने जैसे काम करने होते हैं. यह समय उनके लिए सीखने का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है.
कुछ साल बाद मिलता है पहला प्रमोशन
जब कोई IAS अधिकारी लगभग 3 से 5 साल तक काम कर लेता है, तो उसे पहला प्रमोशन मिलता है. इसके बाद उसे एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) या किसी शहर में म्यूनिसिपल कमिश्नर जैसे पद पर भेजा जा सकता है. इस पद पर उनकी जिम्मेदारियां पहले से ज्यादा बढ़ जाती हैं. उन्हें जिले के प्रशासनिक कामों में कलेक्टर की मदद करनी होती है और कई महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका होती है.
अनुभव बढ़ने के साथ बनते हैं डीएम
रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 9 से 12 साल की सेवा के बाद कई IAS अधिकारियों को जिला मजिस्ट्रेट (DM) या कलेक्टर बनाया जाता है. यह जिला प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण पद होता है. डीएम पूरे जिले का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है. उसके ऊपर कानून व्यवस्था, विकास कार्य, चुनाव, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है.
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इसके बाद मिलते हैं और बड़े पद
करीब 16 से 24 साल की सेवा के बाद IAS अधिकारी राज्य सरकार में सेक्रेटरी या कमिश्नर जैसे पदों पर पहुंच सकते हैं. कुछ अधिकारियों को केंद्र सरकार में भी काम करने का मौका मिलता है, जहां वे जॉइंट सेक्रेटरी जैसे पद संभालते हैं. इन पदों पर अधिकारी बड़े स्तर पर नीतियां बनाने और सरकारी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने का मौका
जब किसी IAS अधिकारी का अनुभव 25 साल से ज्यादा हो जाता है, तो उन्हें एडिशनल सेक्रेटरी या प्रिंसिपल सेक्रेटरी जैसे वरिष्ठ पद मिल सकते हैं. यह पद राज्य और केंद्र सरकार दोनों में काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इसके बाद कुछ चुनिंदा अधिकारी अपने करियर के सबसे ऊंचे पद तक भी पहुंचते हैं. राज्य स्तर पर सबसे बड़ा पद मुख्य सचिव (Chief Secretary) का होता है. वहीं पूरे देश में सबसे ऊंचा प्रशासनिक पद कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) का माना जाता है.
कैसे होता है प्रमोशन
IAS अधिकारियों का प्रमोशन एक तय प्रक्रिया के तहत होता है. इसमें उनके काम के अनुभव, उनकी कार्य क्षमता और उनके काम के रिकॉर्ड को देखा जाता है. हर साल अधिकारियों के काम का एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार होती है, जिसे एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) कहा जाता है. इसी के आधार पर यह तय होता है कि अधिकारी को कब और किस पद पर प्रमोशन दिया जाएगा.
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