देश की राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम आज एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो आने वाले दशकों के लिए भारत की दिशा तय करेगा. आज से यहां देश का सबसे बड़ा और अपनी तरह का अनूठा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) शुरू होने जा रहा है.
इस आयोजन को लेकर तकनीकी गलियारों में हलचल है, वहीं ABPLive की उस ज्योतिषीय भविष्यवाणी की भी चर्चा है, जिसमें महीनों पहले ग्रहों की चाल के आधार पर आज के इस परिदृश्य को विस्तार से बता दिया था.
PM मोदी करेंगे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन
आज यानी 16 फरवरी 2026 की शाम तकनीकी इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. यह एक्सपो मुख्य ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के साथ आयोजित किया जा रहा है और 20 फरवरी तक चलेगा.
भारत मंडपम में जुटने वाली यह वैश्विक भीड़ और दुनिया भर के टेक दिग्गजों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारत अब AI की दुनिया का नया नेतृत्वकर्ता बन चुका है. लेकिन इस भव्य आयोजन के बीच लोग ABPLive के उस वायरल लेख को बार-बार पढ़ रहे हैं, जिसमें आज के इस महामंच के मुख्य विषयों की सटीक भविष्यवाणी पहले ही कर दी गई थी.
यहां देखें वो रिपोर्ट: AI भविष्य 2026: शनि गति को धीमा करता है और सीमाएं तय करता है
शनि का अनुशासन और समिट का ग्लोबल विजन
ABPLive की उस चर्चित रिपोर्ट में ज्योतिषीय गणना के जरिए दावा किया गया था कि साल 2026 में शनि का मीन राशि में गोचर AI की ‘अनियंत्रित और अराजक’ रफ्तार पर अंकुश लगाएगा.
आज से शुरू हो रहे इस 5-दिवसीय समिट का सबसे बड़ा और पहला एजेंडा ही ‘एआई एथिक्स’ और ‘ग्लोबल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क’ है. जिस ‘अनुशासन’ की बात ज्योतिषीय विश्लेषण में शनि के प्रभाव के रूप में बताई गई थी, आज वही अनुशासन भारत मंडपम में कानून और अंतरराष्ट्रीय नीति का रूप लेता दिखाई दे रहा है. दुनिया भर के देश आज एक स्वर में कह रहे हैं कि AI को बिना कड़े मानवीय और नैतिक नियमों के नहीं छोड़ा जा सकता.
गुरु की कृपा: जब जन-कल्याण बना प्राथमिकता
भविष्यवाणी का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बृहस्पति (गुरु) की चाल थी. लेख में साफ तौर पर कहा गया था कि 2026 में गुरु के प्रभाव से AI केवल कॉर्पोरेट मुनाफे (Corporate Profits) और निजी कंपनियों की तिजोरी भरने का जरिया नहीं रहेगा. गुरु विस्तार और ज्ञान के प्रतीक हैं, और भविष्यवाणी थी कि इसका असली रोल शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में होगा.
आज प्रधानमंत्री जिस ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन शाम 5 बजे करने जा रहे हैं, उसमें प्रदर्शित होने वाली अधिकांश तकनीकें और स्टार्टअप्स इन्हीं तीन बुनियादी क्षेत्रों पर केंद्रित हैं.
एक्सपो में ऐसे AI मॉडल्स पेश किए गए हैं जो भारतीय किसानों को मौसम की मार से बचाएंगे, ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर की कमी को पूरा करेंगे और छात्रों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देंगे. यह गुरु के उसी ‘जनकल्याण और परोपकारी’ प्रभाव की पुष्टि है जिसका जिक्र ABPLive की रिपोर्ट में प्रमुखता से था.
राहु का मायाजाल: सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती
इस भविष्यवाणी में राहु-केतु को लेकर दी गई चेतावनी को आज के तकनीकी विशेषज्ञ सबसे बड़ी कड़वी सच्चाई मान रहे हैं. भविष्यवाणी में कहा गया था कि राहु तकनीक के माध्यम से ‘भ्रम और छल’ (Illusion) पैदा करेगा.
भारत मंडपम में चल रहे एक्सपो में ‘डीपफेक प्रोटेक्शन’ और ‘AI साइबर सिक्योरिटी’ के लिए अलग से विशाल पवेलियन बनाए गए हैं. समिट में दुनिया भर के सुरक्षा विशेषज्ञ इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि राहु के इस ‘मायावी भ्रम’ यानी फेक वीडियो और डेटा चोरी से आम आदमी को कैसे सुरक्षित रखा जाए. राहु का नकारात्मक प्रभाव आज तकनीकी जगत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है.
India AI Impact Summit 2026 और ABPLive की भविष्यवाणी के बीच का वह अद्भुत तालमेल है, जो किसी कल्पना जैसा लगता है. लोग यह जानने को बेहद उत्सुक हैं कि कैसे एक ज्योतिषीय गणना ने उन बारीक तकनीकी बदलावों को पहले ही पकड़ लिया था, जो आज 20 फरवरी तक चलने वाले इस मेगा इवेंट का मुख्य आधार बने हुए हैं.
कॉर्पोरेट प्रॉफिट बनाम सामाजिक हित: बदल गया नजरिया
ABPLive की इस ज्योतिषीय भविष्यवाणी का एक बहुत बड़ा दावा यह भी था कि AI अब बड़े व्यावसायिक घरानों के मुनाफे से ज्यादा सामाजिक मजबूती का साधन बनेगा. आज एक्सपो के पहले दिन जिस तरह के इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं, वे साबित करते हैं कि तकनीक अब ‘इलीट क्लास’ से निकलकर ‘आम आदमी’ के हाथ की ताकत बन रही है. प्रधानमंत्री का इस एक्सपो में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी तकनीकी शक्ति का उपयोग अंत्योदय के लिए करना चाहता है.
विज्ञान और प्राचीन ज्ञान का संगम
यह समिट केवल मशीनों और कोड्स का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि उस समयचक्र की जीवंत गवाही है जिसे ABPLive ने समय से पहले अपनी रिपोर्ट में पहचान लिया था. आज शाम 5 बजे जब प्रधानमंत्री मोदी इस एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, तो वह केवल एक रिबन काटना नहीं होगा, बल्कि उस ‘युग परिवर्तन’ की आधिकारिक घोषणा होगी जिसका संकेत ग्रहों की चाल ने बहुत पहले दे दिया था.
चाहे वह शनि का अनुशासन हो, गुरु का परोपकार हो या राहु का भ्रम, आज 16 फरवरी 2026 को भारत मंडपम की हर हलचल उस ज्योतिषीय भविष्यवाणी को ‘सत्य के धरातल’ पर खड़ा कर रही है. विज्ञान और विश्वास का यह संगम आज पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर रहा है.
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