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Induction Vs Electric Plasma Stove: क्या सच में नई टेक्नोलॉजी है बेहतर? जानिए कौन बचाता है ज्यादा बिजली

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 12, 2026
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  • भारतीय रसोई के लिए इंडक्शन चूल्हा अधिक स्थिर और बेहतर है।

Induction Vs Electric Plasma Stove: हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने एक नई किचन टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हे के बारे में जानकारी साझा की जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई कि क्या यह पुराने इंडक्शन चूल्हों से बेहतर विकल्प बन सकता है. इस चूल्हे की खास बात यह है कि यह बिना LPG या PNG के सिर्फ बिजली की मदद से आग जैसी लौ पैदा करता है. पहली नजर में यह तकनीक काफी आकर्षक और भविष्य में काम आने वाली जैसी लगती है लेकिन असल सवाल इसकी उपयोगिता और खर्च को लेकर उठता है.

टेक्नोलॉजी का फर्क समझना जरूरी

दोनों ही चूल्हे बिजली से चलते हैं लेकिन उनका काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है. प्लाज्मा चूल्हा हवा को आयोनाइज करके लौ पैदा करता है जिससे देखने में असली आग जैसा अनुभव मिलता है. हालांकि, इसमें काफी बिजली रोशनी और आवाज के रूप में खर्च हो जाती है जिससे इसकी कुल क्षमता कम हो जाती है.

दूसरी तरफ, इंडक्शन चूल्हा सीधे बर्तन को मैग्नेटिक फील्ड के जरिए गर्म करता है. इसमें बिजली की बर्बादी बहुत कम होती है और खाना जल्दी तैयार हो जाता है. यही वजह है कि इंडक्शन ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद माना जाता है.

बिजली खपत में कौन है आगे?

बिजली के मामले में भी दोनों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है. प्लाज्मा चूल्हा ज्यादा बिजली खर्च करता है क्योंकि उसकी बिजली का बड़ा हिस्सा सीधे खाना पकाने में इस्तेमाल नहीं हो पाता. वहीं इंडक्शन चूल्हा कम बिजली में बेहतर काम करता है. अगर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो प्लाज्मा चूल्हा आपके बिजली बिल को काफी बढ़ा सकता है जबकि इंडक्शन अपेक्षाकृत किफायती रहता है.

कीमत में बड़ा अंतर

अगर दोनों चूल्हों की कीमत की तुलना करें तो अंतर साफ दिखाई देता है. जहां एक अच्छा इंडक्शन चूल्हा कुछ हजार रुपये में आसानी से मिल जाता है, वहीं प्लाज्मा चूल्हा नई टेक्नोलॉजी होने के कारण से कई गुना महंगा है. इसकी कीमत हजारों से बढ़कर कई बार दसियों हजार तक पहुंच जाती है. इतना ही नहीं, इसकी देखभाल और मेंटेनेंस का खर्च भी ज्यादा हो सकता है जो इसे आम लोगों के लिए कम सुविधाजनक बनाता है.

भारतीय किचन के लिए कौन है सही?

भारतीय रसोई में अक्सर तेज आंच पर खाना बनता है जैसे रोटी, पराठे या तड़का. ऐसे में इंडक्शन चूल्हा ज्यादा स्थिर और बेहतर साबित होता है. हालांकि प्लाज्मा चूल्हे में बर्तनों की ज्यादा पाबंदी नहीं होती लेकिन इसकी आंच उतनी स्थिर नहीं मानी जाती जिससे भारत में बनने वाले खाना बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।