Smartphone Subsidy Scheme: भारत सरकार स्मार्टफोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना तैयार कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस योजना से Apple और Samsung जैसी बड़ी कंपनियों को खास फायदा मिल सकता है. प्रस्तावित नीति के तहत उन कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा जो भारत से ज्यादा स्मार्टफोन निर्यात करें और फोन में इस्तेमाल होने वाले ज्यादा से ज्यादा पुर्जे देश में ही तैयार करें.
मौजूदा PLI योजना की जगह ले सकती है नई नीति
सरकार की वर्तमान Production-Linked Incentive (PLI) योजना 31 मार्च को खत्म होने वाली है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में स्मार्टफोन का स्थानीय उत्पादन बढ़ाना था. अब जो नई योजना तैयार की जा रही है उसमें फोकस थोड़ा बदल सकता है. अगला चरण केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कंपनियों को ज्यादा निर्यात करने और भारत में ही अधिक वैल्यू जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
भारत को वैश्विक एक्सपोर्ट हब बनाने की कोशिश
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि पहले चरण की योजना काफी हद तक सफल रही. आज भारत में बिकने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन देश के अंदर ही बनाए जा रहे हैं. अब सरकार का अगला लक्ष्य यह है कि भारत सिर्फ घरेलू बाजार के लिए फोन बनाने वाला देश न रहे बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक बड़ा एक्सपोर्ट हब बन सके. नई योजना में कंपनियों को विदेशों में भेजे जाने वाले स्मार्टफोनों की संख्या के आधार पर सब्सिडी मिल सकती है.
भारत में बढ़ती Apple की भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में Apple की भूमिका तेजी से बढ़ी है. iPhone असेंबल करने वाली कंपनियां देश के स्मार्टफोन निर्यात में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं. इसी वजह से भारत मोबाइल फोन एक्सपोर्ट के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में अमेरिका के लिए बनने वाले ज्यादातर iPhone भारत में ही तैयार किए जा सकते हैं.
ज्यादा लोकल पार्ट्स पर मिल सकता है अधिक फायदा
नई नीति की एक अहम शर्त यह भी हो सकती है कि स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले ज्यादा से ज्यादा पुर्जे भारत में ही बने हों. यदि किसी फोन में कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले असेंबली या अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट देश में तैयार किए जाते हैं, तो उस कंपनी को ज्यादा प्रोत्साहन मिलने की संभावना है. यानी जो कंपनियां स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करेंगी और साथ ही निर्यात भी बढ़ाएंगी उन्हें सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है.
अन्य ब्रांड्स को भी मिल सकता है निर्यात का मौका
सरकार चाहती है कि Oppo, Vivo और Xiaomi जैसे ब्रांड भी भारत से अधिक स्मार्टफोन निर्यात करें. अभी कई कंपनियां भारत में बने फोन मुख्य रूप से घरेलू बाजार में ही बेचती हैं. नई नीति के जरिए उन्हें वैश्विक बाजार के लिए भी भारत से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.
सप्लाई चेन मजबूत करना अभी भी चुनौती
हालांकि भारत में स्मार्टफोन असेंबली तेजी से बढ़ी है लेकिन कई महंगे और महत्वपूर्ण कंपोनेंट अभी भी विदेशों से आयात किए जाते हैं. खासकर चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान से कई जरूरी पार्ट्स मंगाने पड़ते हैं. सरकार की यह नई पहल Make in India अभियान का ही हिस्सा मानी जा रही है. इसका मकसद केवल फोन असेंबल करना नहीं बल्कि पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है. अगर यह योजना सफल होती है तो आने वाले समय में भारत वैश्विक स्मार्टफोन सप्लाई चेन में और भी अहम भूमिका निभा सकता है.
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