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AI मचाने वाला है नौकरियों में भूचाल? Goldman Sachs की चेतावनी, इतने प्रतिशत काम के लिए नहीं होगी इंसानों की जरूरत

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By Aman Shanti .In On January 21, 2026
1 min read 1.2k views
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Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनिया भर में बहस तेज हो गई है. एक तरफ जहां इसे भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नौकरियों पर इसके असर को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है. इसी बीच Goldman Sachs की एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें चेतावनी दी गई है कि आने वाले समय में AI करीब 25 फीसदी काम के घंटों को अपने आप संभाल सकता है. हालांकि रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि इससे पूरी तरह नौकरी खत्म होने जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है.

AI कितने काम कर सकता है अपने आप?

Goldman Sachs के एनालिस्ट जोसेफ ब्रिग्स और सारा डोंग की अगुवाई में की गई इस रिसर्च के मुताबिक, मौजूदा समय में किए जा रहे लगभग एक-चौथाई काम ऐसे हैं, जिन्हें भविष्य में AI के जरिए ऑटोमेट किया जा सकता है. रिपोर्ट में अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि AI न सिर्फ काम करने के तरीकों को बदलेगा, बल्कि अलग-अलग सेक्टर्स में जरूरी स्किल्स की परिभाषा भी बदल देगा.

सबसे पहले असर इन नौकरियों पर पड़ेगा

रिपोर्ट के अनुसार, AI का असर हर सेक्टर में एक जैसा नहीं होगा. सबसे ज्यादा खतरा उन व्हाइट-कॉलर जॉब्स को बताया गया है, जहां बार-बार दोहराए जाने वाले मानसिक काम होते हैं. डेटा एनालिसिस, ऑफिस से जुड़ा कागजी काम, बेसिक कोडिंग, अकाउंटिंग और लीगल रिसर्च जैसे प्रोफेशन AI से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं.

प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा AI

इतनी बड़ी ऑटोमेशन की संभावना के बावजूद, Goldman Sachs का मानना है कि इससे रोजगार पूरी तरह खत्म नहीं होंगे. रिपोर्ट में कहा गया है कि AI की वजह से लेबर प्रोडक्टिविटी में करीब 15 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है. पुराने आंकड़ों और तकनीकी बदलावों के अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि इस दौरान लगभग 6 से 7 फीसदी नौकरियों पर असर पड़ेगा लेकिन लंबे समय में सिस्टम खुद को संतुलित कर लेगा.

शुरुआत में बढ़ सकती है बेरोजगारी

रिपोर्ट यह भी इशारा करती है कि ट्रांजिशन पीरियड में बेरोजगारी थोड़ी बढ़ सकती है. जब पुराने रोल्स खत्म होंगे और नए रोल्स पूरी तरह तैयार नहीं होंगे, तब अस्थायी तौर पर नौकरी जाने का खतरा रहेगा. अनुमान है कि बेरोजगारी दर में करीब 0.6 प्रतिशत अंक तक की बढ़ोतरी हो सकती है जिससे लगभग 10 लाख अतिरिक्त लोग कुछ समय के लिए बेरोजगार हो सकते हैं.

इतिहास बताता है कुछ और कहानी

Goldman Sachs ने AI को तकनीकी बदलावों के लंबे इतिहास से जोड़कर देखा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि आज काम कर रहे सिर्फ 40 फीसदी लोग ही ऐसे प्रोफेशन में हैं जो 85 साल पहले भी मौजूद थे. इससे साफ होता है कि तकनीक पुरानी नौकरियों को खत्म करने के साथ-साथ नई नौकरियां भी पैदा करती है. उदाहरण के तौर पर, आज लाखों लोग कंप्यूटर से जुड़े ऐसे काम कर रहे हैं, जिनका अस्तित्व 30–40 साल पहले नहीं था. इसी तरह गिग इकॉनमी, ई-कॉमर्स, कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग जैसे सेक्टर्स ने भी बड़ी संख्या में रोजगार दिए हैं.

आगे क्या तय करेगा भविष्य?

रिपोर्ट के मुताबिक, AI का असर कितना सकारात्मक या नकारात्मक होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वर्कर्स, कंपनियां और सरकारें खुद को कितनी तेजी से ढाल पाती हैं. नई स्किल्स सीखना, एजुकेशन सिस्टम में बदलाव और AI से जुड़े नए तरह के जॉब्स तैयार करना आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत होगी.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।

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