Israel-Iran War: ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जानें ये क्या है और इससे दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

aditisingh
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इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले ने मिडिल ईस्ट में हड़कंप मचा दिया है. दोनों मुल्कों ने मिलकर ईरान पर हमला किया. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है. इन्हीं तनावपूर्ण हालात में एक बार फिर मिडिल ईस्ट का एक रास्ता होर्मुज स्ट्रेट चर्चा में आ गया है. यह एक पतले पानी का रास्ता (कच्चे तेल) है. इस हमले से कच्चे तेल की कीमतें तय करने में मुश्किलों को सामना भी करना पड़ रहा है. ऐसे में हम आपको चर्चा में आई होर्मुज स्ट्रेट के बारे में जानकारी दे रहे है.

जानें होर्मुज स्ट्रेट के बारे में…

होर्मुज स्ट्रेट को एक पतला समुद्री गलियारा माना जाता है. यह फारस की खाड़ी का मेन एंट्री गेट है. यह उत्तर में ईरान और दक्षिण में यूनाइटेड अरब अमीरात, ओमान के बीच है. यह एक तरह से फारस की खाड़ी और हिंद महासागर का लिंक है. यह होर्मुज स्ट्रेट लगभग 100 मील है यानी 161km लंबा है. यह रास्ता लगभग 21 मील पतला हो जाता है. 

यहां पर जो नेविगेशन लेन है, वो सिर्फ दो मील तक ही चौड़ी है. इसके उथले पानी की वजह से जहाजों पर नेवल माइंस का खतरा रहता है. यहां जहाजों के किनारे से लॉन्च की जाने वाली मिसाइलों, पेट्रोल क्राफ्ट और हेलीकॉप्टर से खतरा बना रहता है. 

होर्मुज स्ट्रेट क्यों जरूरी है? 

इसकी वजह सीधी है. यह दुनिया भर में समुद्र से होने वाले तेल शिपमेंट का लगभग एक चौथाई हिस्सा है. यह एनर्जी ट्रेड के लिए जरूरी रास्ता है. ज्यादातर पर्शियन गल्फ एक्सपोर्टर्स के पास शिपमेंट के लिए कोई दूसरा समुद्री रास्ता नहीं है. रॉयटर्स के मुताबिक एनालिटिक्स फर्म बोर्टेक्सा के डेटा से पता चला है कि पिछले साल औसतन करीबन 20 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल, कंडेनसेट और रिफाइंड फ्यूल होर्मुज से होकर गुजरा है. 

OPEC सदस्य एशियाई बाजारों में शिप करने के लिए इस रास्ता का इस्तेमाल करते हैं. इसी पर निर्भर हैं. कतर अपने सभी एलएनजी शिपमेंट इसी रास्ते के सहारे करता है. 

रास्ता बंद होने से क्या नुकसान हो सकते हैं? 

इस रास्ते को अगर ईरान बंद करता है, तो तेल की कीमतों में इजाफा हो सकता है. तेल सप्लाई में रुकावट होगी. क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होगी. यह दुनिया की इकोनॉमी को अस्थिर कर सकती है. यानी कुल मिलाकर इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल तेल मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा. 

दुनिया पर आर्थिक संकट की आहट 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से समुद्री जहाज़ों का छोटा रूट बंद होगा, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ाने का असर ज्यादातर देशों पर पड़ेगा. सप्लाई में देरी होगी इसलिए शॉर्टेज का संकट. ईरान के पास 3000 शॉर्ट रेंज मिसाइल हैं जो 200-250 KM तक मार करती हैं. अमेरिका और इजराइल के हिमायती खाड़ी देशों पर ईरान इन्ही मिसाइल से हमले तेज करेगा. पिछली एयर स्ट्राइक की तरह ईरान हमले नहीं रोकेगा.

ईरान इस युद्ध को लम्बे समय तक लड़ने की तैयारी कर चुका है. अमेरिका और इसराइल सत्ता परिवर्तन के लिए ईरान के विपक्षी दलों को सपोर्ट का फ़ॉर्मूला लगाएंगे, लेकिन ईरान पिछले दिनों हुए प्रदर्शन से इस रणनीति से भी भलीभांति परिचित है. अमेरिका इसराइल नहीं रुके तो लड़ाई लंबी हो सकती है. ईरान की मदद के लिए चीन और रशिया आगे आएंगे.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.