Israel US Iran War Attack: मध्य-पूर्व में युद्ध की स्थिति तेज है. ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जंग में अब यूएई और कतर भी कूद पड़े है. जबकि ईरान ने दुबई में अमेरिकी दूतावास और थाड सिस्टम पर अटैक कर उसे तबाह कर दिया. जंग चाहे किसी भी देश में हो राष्ट और मानवता के लिए कभी अच्छा नहीं होता.
मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग में आसमान में मिसाइल और ड्रोन्स की बारिश हो रही, जिससे जमीन पर भी हाहाकार मचा हुआ है. इस जंग का अंत कब और कैसे होगा, इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता. इजरायल किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं तो वहीं अमेरिका का महा-एक्शन भी जारी है, जिसे देख कहा जा सकता है कि फिलहाल कूटनीति के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं. हालिया स्थिति को देख तीसरे विश्व युद्ध का डर सता रहा है.
मिडिल ईस्ट युद्ध का कारण खगोलीय घटना तो नहीं!
युद्ध क्यों और कैसे शुरू हुआ इसके कई कारण और पहलू होते हैं. लेकिन एक ओर यह चर्चा भी तेज है कि, कहीं इस युद्ध का कारण खगोलीय घटनाएं तो नहीं. मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के बीच सोशल मीडिया के ज्योतिषीय मंचों पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि, 15 दिनों के अंतराल में लगे दो ग्रहण से युद्ध जैसे हालात बनते है. इसके कई एतिहासिक प्रमाण भी दिए जा रहे हैं.
ग्रहण को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
हाल ही में 15 दिनों के अंतराल में दो ग्रहण लगे. 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण और 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगा. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि, 15 दिनों के अंतराल में जब दो ग्रहण लगते हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव राष्ट्रों की कुंडली पर पड़ भी सकता है.
17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगा था और इसके कुछ दिन बाद ही इजरायल, ईरान, अमेरिका और मिडिल ईस्ट के कई देशों में जंग छिड़ गई है. वहीं 3 मार्च को लगे चंद्र ग्रहण के बाद मिसाइल हमले, ड्रोन्स अटैक, सीमा पर झड़पें बढ़ गईं.
ज्योतिष मान्यता के अनुसार- दिनों के अंतराल में लगने वाले ग्रहण को अशुभ या उथल-पुथल का संकेत माना जाता है. यदि ग्रहण किसी देश की स्थापना कुंडली के संवेदनशील भाव पर पड़े, तो राजनीतिक अस्थिरता या संघर्ष की स्थिति बन सकती है.
क्या जंग की चपेट में आएगा भारत?
न्यूमरो एस्ट्रो क्वीन सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताती हैं कि, वेद व्यास जी ने भी शगुन पुराण में वर्णन किया है कि, जब दो ग्रहण एक साथ पड़ते हैं तो कोई बड़ा युद्ध होता है. ऐसी ही ग्रहण की ऐसी स्थिति बनी थी. वीडियो में न्यूमरो एस्ट्रो क्वीन दावा करती हैं कि, जंग की स्थिति 2 अप्रैल तक और भयावह रूप ले सकती है कि भारत में इस महायुद्ध में शामिल होगा. अमेरिका, पाकिस्तान, चाइना, ईरान, इजरायल और यूरोप जैसे देश भी इस युद्ध मे शामिल हो सकते हैं. विक्रम संवत 2082 जब शुरू होगा तो भारत भी इस महायुद्ध मे शामिल हो सकता है. क्योंकि यह साल काल भैरव और राहु का रहेगा.
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