Jaunpur and Kannauj में 45-46 वर्षों से अटकी चकबंदी पूरी…23 जिलों के कुल 43 गांवों को मिला लाभ

Aman Shanti In
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प्रदेश में 23 जिलों के 43 गांवों में चकबंदी का काम पूरा हो गया है। खास बात यह है कि इनमें Jaunpur और कन्नौज के कई गांवों में चकबंकी का काम 45-46 वर्षों से अटका हुआ था। चकबंदी समाप्ति का आदेश भी जारी कर दिया गया है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलास्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 43 गांवों के चकबंदी कार्यों को पूरा कराकर उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत चकबंदी संबंधी कामकाज खत्म हो गया है। यूपी के 23 जिलों जौनपुर, कन्नौज, बस्ती, मैनपुरी, प्रतापगढ़, औरैया, बहराइच, मीरजापुर, बरेली, गोंडा, सिद्धार्थनगर, हमीरपुर, संतकबीर नगर, बलिया, महराजगंज, चंदौली, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बरेली, रामपुर, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और सोनभद्र के 43 गांवो में चकबंदी संबंधी प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त को भेजे गए थे।

चकबंदी आयुक्त ने इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यहां बता दें कि इन गांवों में जौनपुर का गांव बेल्छा 46 वर्षों से, कन्नौज का गांव सरदामई व कठिगरा 45 वर्षों से, मैनपुरी का गांव बलपुरा, बस्ती का गांव सूसीपार 35 वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया में थे। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने लगातार निगरानी कर वर्षों से लंबित इन प्रकरणों को निपटाया। चकबंदी पूरी होने से किसानों को सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ है। साथ ही गांव के विकास कार्यों को गति मिली है।

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