Karmic Debt: क्या आपको अपने जीवन में अचानक से देरी का सामना करना पड़ रहा है या अनचाही आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं या फिर आसानी से झगड़ों में पड़ जाते हैं?
तो ये सभी इस चीजें इस ओर इशारा करती हैं कि, आप अभी भी अपने पिछले जन्म के कर्मों का बोझ ढो रहे हैं, जिसे कर्म ऋण के नाम से जाना जाता है. पिछले जन्म के कर्म ऋण के बारे में जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें?
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कर्म ऋण क्या है?
वैदिक ज्योतिष और प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक, ऐसा माना जाता है कि, यह पूर्व जन्मों के कर्मों के संचित प्रभावों को दर्शाता है, जो आमतौर पर जीवन में बार-बार आने वाली चुनौतियों का कारण बनते हैं और व्यक्तिगत विकास और सामंजस्य में बाधा डालने का काम करते हैं.
यह मान्यता वैदिक संस्कृति और हिंदू आध्यात्मिक परंपराओं में गहन रूप से निहित है, और माना जाता है कि, वर्तमान जीवन में किएगए प्रयासों से इन प्रभावों को कम किया जा सकता है.
असल में प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक, पिछले जन्मों के कर्म ऋणों को कम करने के लिए सकारात्मक ऊर्जा और आत्म-जागरूकता की ओर सचेत रूप से ध्यान केंद्रित करना जरूरी है. यहां वर्तमान जीवन में पूर्व जन्मों के कर्म ऋणों को दूर करने के कुछ आसान और व्यावहारिक तरीके दिए गए हैं.
कर्म ऋण को कम करने की शुरुआत तब शुरू, जब आप अपनी जिंदगी में बार-बार होने वाली समस्याओं को पहचानते हैं. जैसे अचानक नुकसान, काम में देरी, रिश्तों में दरार, पैसों से जुड़ी दिक्कत या सेहत की समस्याएं. ये केवल संयोग नहीं, बल्कि आपके पुराने कर्मों का प्रभाव होता है.
जब आप यह समझना शुरू कर देते हैं कि, ये समस्याएं क्यों दोहराई जा रही हैं, वहीं से कर्म सुधारने की प्रक्रिया शुरू होती है. इसके बाद जरूरी है कि, आप सोचने, बोलने और करने के तरीकों पर नियमित रूप से ध्यान देते हैं, वहीं से कर्म सुधारने की प्रक्रिया शुरू होती है. इसके बाद सबसे जरूरी है कि, आप अपने सोचने, बोलने और करने के तरीकों पर नियमित ध्यान दें, गुस्से या जल्दबाजी में रिएक्ट करने के बजाए सोच-समझकर फैसले लें. यही असल मायनों में कर्म ऋण घटाने का तरीका है.
माफ करने का अभ्यास करें
एक और जरूरी तरीका है कर्म ऋण को कम करने का वो है स्वयं को और दूसरों को माफ करना, जिससे मन में द्वेष की भावना कम हो जाती है, जो कर्मों के बोझ का मूल कारण है. एक शांत अनुष्ठान से शुरुआत करें, माफ या कृतज्ञता लिखें, फिर कागज को जला दें. यह नियमित अभ्यास से मन और आत्मा को अतीत के कष्टों से मुक्त कर सकता है.
दयालुता के कार्य करें
कर्म ऋण को कम करने का एक और आसान तरीका है नकारात्मक कर्मों से निस्वार्थ कार्य जैसे गुमनाम दान, पड़ोसियों की सहायता करना और पक्षियों को भोजन कराना.
प्रतिदिन ध्यान करें
कर्म ऋण को कम करने के लिए श्वास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ओम नमः शिवाय जैसे मंत्रों का जाप करें. गहन मुक्ति के लिए अभ्यास के दौरान सफेद रोशनी को ऋणों को विलीन करते हुए कल्पना करें. इससे आंतरिक शांति और कर्मों का समाधान होता है.
अनासक्ति का पालन करें
ध्यानपूर्वक सैर करके या अपने घर की अव्यवस्था को दूर करके परिणामों, वस्तुओं या शिकायतों से जुड़े लगाव को छोड़ दें. नंगे पैर चलने जैसी धरती से जुड़ी क्रियाओं के जरिए ऊर्जावान बंधनों को मुक्त करें.
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