Kiss Day 2026: क्या एक-दूसरे को किस करने से कम हो जाता है स्ट्रेस, जानें कैसे काम करता है यह?

सतीश कुमार
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फरवरी का महीना आते ही प्यार का मौसम भी शुरू हो जाता है. कपल्स पूरे हफ्ते को बड़े उत्साह के साथ सेलिब्रेट करते हैं, जिसे हम वैलेंटाइन वीक के नाम से जानते हैं. इस हफ्ते का हर दिन अपने आप में खास होता है, लेकिन 13 फरवरी को मनाया जाने वाला Kiss Day सबसे ज्यादा रोमांटिक माना जाता है.  इस दिन कपल्स एक-दूसरे को किस करके अपने प्यार का इजहार करते हैं और रिश्ते को और भी गहरा बनाते हैं.

अक्सर लोग किस को सिर्फ प्यार जताने का तरीका मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस करना स्ट्रेस से लेकर हमारे दिल, दिमाग और शरीर को भी कई तरह के फायदे देता है.  यह बात सुनने में थोड़ी अलग लग सकती है, लेकिन कई रिसर्च में पाया गया है कि एक सच्चा और प्यार भरा किस तनाव कम करने से लेकर दिल की सेहत सुधारने तक में मददगार हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि क्या एक-दूसरे को किस करने से स्ट्रेस कम हो जाता है और यह कैसे काम करता है?

क्या सच में किस करने से स्ट्रेस कम होता है?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी तरह के तनाव से जूझ रहा है. काम का दबाव, जिम्मेदारियां और निजी जीवन की परेशानियां दिमाग पर असर डालती हैं. ऐसे में एक प्यारा सा किस भी तनाव कम करने में मदद कर सकता है. जब हम अपने पार्टनर को किस करते हैं, तो हमारे दिमाग में कुछ खास हार्मोन रिलीज होते हैं.  जैसे ऑक्सीटोसिन, इसे लव हार्मोन भी कहा जाता है. यह अपनापन और जुड़ाव बढ़ाता है. दूसरा डोपामाइन, यह खुशी और उत्साह का एहसास कराता है औप तीसरा सेरोटोनिन, यह मूड को बेहतर बनाता है. इन हार्मोन्स के बढ़ने से शरीर में मौजूद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर कम होने लगता है यानी अगर आपका दिन थकान और तनाव से भरा रहा हो, तो एक सच्चा और प्यार भरा किस आपके मन को शांत कर सकता है

यह कैसे काम करता है?

कुछ स्टडीज के अनुसार, किस करने से ब्लड वेसल्स थोड़ी फैल जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है. इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, उनमें दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा थोड़ा कम देखा गया है. साथ ही सिरदर्द में भी राहत मिल सकती है. किस करने से दिमाग को सिग्नल मिलते हैं. दिमाग में सिग्नल को पाकर रिवॉर्ड सिस्टम को सक्रिय कर देता है, जिससे हमें अच्छा महसूस होता है. लव और हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं, साथ ही जब खुशी वाले हार्मोन बढ़ते हैं, तो शरीर में मौजूद तनाव वाला हार्मोन कोर्टिसोल कम होने लगता है. कोर्टिसोल ज्यादा होने पर तनाव, चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है. लेकिन किस के दौरान इसका स्तर घटता है, जिससे मन हल्का और शांत हो जाता है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.