Mercury Retrograde 2026: बुध की वक्री चाल से इन 4 राशियों पर असर, जानें ज्योतिषीय भविष्यवाणी?

aditisingh
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ज्योतिषियों का कहना है कि, वर्तमान गोचर जो 20 मार्च, 2026 तक चलेगा, पूरी तरह से नकारात्मक नहीं हो सकता है. हालांकि कुछ राशियों को इस दौरान अधिक दबाव महसूस करना पड़ सकता है, लेकिन बुध के व्रकी होने के बाद उन्हें सफलता मिलने की भी पूरी संभावना है. 

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जब बुध मीन राशि में वक्री होता है, तो यह आत्मचिंतन, संशोधन और अधूरे विचारों पर फिर से काम करने के लिए प्रेरित कर सकता है. प्रगति को स्थायी रूप से बाधित करने के बजाय यह चरण आत्मनिरीक्षण को प्रोत्साहित कर सकता है जो सफलता का मार्ग प्रदान करता है. 

यहां उन 4 राशियों पर गहराई से नजर डाली गई है, जिन्हें अभी संघर्ष करना पड़ सकता है, लेकिन बुध की व्रकी चाल समाप्त होने के बाद उनके समृद्धि होने की भी भविष्यवाणी की गई है. 

मीन राशि बड़े बदलाव से पहले आत्मचिंतन करना  

इस चक्र में बुध की वक्री चाल पूरी तरह से मीन राशि में होने के कारण इसका सबसे ज्यादा प्रभाव मीन राशि पर पड़ सकता है. ज्योतिषियों का कहना है कि, इस स्थिति में भावनात्मक संवेदनशीलता, आत्मसंदेह और अतीत की यादों में खो जाने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. 

इस दौरान मीन राशि के जातक अपने पुराने रिश्तों, अनसुलझे संवादों या अधूरी रचनात्मक परियोजनाओं पर फिर से विचार कर सकते हैं. 

20 मार्च को बुध के वक्री होने और सीधी चाल चलने के बाद मीन राशि के जातकों में आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी. व्रकी अवस्था के दौरान उनके उद्देश्य स्पष्ट होने के साथ करियर में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं. 

मेष राशि के जातकों पर बुध वक्री का प्रभाव

मेष राशि के जातकों पर इस समय बुध ग्रह की वक्री चाल का प्रभाव पड़ रहा है. ज्योतिष के मुताबिक, यह असर आपके मन, छिपे हुए डर और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. इसलिए इस समय कुछ लोगों को अजीब तरह के या स्पष्ट सपने आ सकते हैं, थोड़ी अधिक चिंता महसूस होगी या भावनाएं अचानक से तीव्र हो सकती है. 

ज्योतिषियों का कहना है कि, यह समय खुद के बारे में आत्मचिंतन करने और मन में छिपी बातों पर गौर करने का मौका है. अगर मेष राशि के जातक इस दौरान अपने डर, उलझनों और सोच पर ध्यान देंगे तो बाद में उन्हें इसका लाभ मिल सकता है. जब बुध वक्री की चाल खत्म होगी तो चीजें और ज्यादा स्पष्ट होने लगेंगी. खासकर करियर और कामकाज के मामलों में स्पष्टता आएगी. 

कन्या राशि रिश्तों और दिनचर्या में परिवर्तन

कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह है और जब बुध वक्री (उल्टी चाल) चलता है, तो इसका प्रभाव कन्या राशि पर अधिक पड़ता है. इस दौरान बातचीत में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. रिश्तों या साझेदारी में छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो सकता है.

कोई पुराना दोस्त, प्रेमी और सहतर्मी अचानक से संपर्क कर सकते हैं, जिससे आपको फैसला लेने में दुविधा हो सकती है. यह समय कन्या राशि वालों के लिए रिश्तों और जीवन की दिनचर्या को समझने और सुधारने का अवसर है. अभी सोच-समझकर निर्णय लें, आगे चलकर लाभ मिल सकता है. 

मिथुन राशि गलतियों को सुधारने का सुनहरा मौका

मिथुन राशि वालों के लिए यह वक्त विशेषकर करियर और पैसों से जुड़ी चीजों पर सोचने का मौका दे सकता है. क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह है, और जब बुध वक्री चाल चलता है, तो मिथुन राशि पर इसका अधिक प्रभाव दिखाई देता है.

इस दौरान काम की रफ्तार धीमी होने के साथ कई प्रोजेक्ट में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है. यह समय आपको अपनी गलतियों और पुरानी योजनाओं को सुधारने का अवसर देता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.