Mobile Numerology: आज के समय में मोबाइल नंबर हमारी पहचान का जरूरी हिस्सा है. अंकशास्त्र के अनुसार, जिस नंबर का हम अधिक समय तक इस्तेमाल करते हैं, उसकी ऊर्जा हमारे जीवन में गहरा असर डालती है.
खासकर यदि उसी नंबर से रोजाना अधिक कॉलिंग और बातचीत होती है, तो प्रभाव और ज्यादा माना जाता है.
मोबाइल नंबर का कुल योग कैसे निकालें?
मोबाइल नंबर का कुल योग निकालने के लिए सबसे पहले 10 अंकों के फोन नंबर को जोड़े. उदाहरण के लिए
9898079373 = 9+8+9+8+0+7+9+3+7+3 = 63
ऐसे में आपके फोन नंबर का कुल योग 6+3 = 9
सबसे पहले अपने 10 अंकों के मोबाइल नंबर को जोड़ें। उदाहरण के लिए:
शून्य का मतलब क्या होता है?
न्यूमरोलॉजी में 0 को लेकर अलग-अलग धारणा हैं. कुछ अंकशास्त्र के जानकार इसे आजाद और स्वतंत्र प्रभावहीन मानते हैं, जबकि कुछ इसे पीछे वाले अंक की शक्ति बढ़ाने वाला मानते हैं. यानी यदि किसी नंबर में 8 के साथ 0 है, तो 8 अंक की ऊर्जा को मजबूत माना जा सकता है.
बार-बार आने वाले अंकों का असर
अगर आपके मोबाइल नंबर में कोई अंक तीन या उससे ज्यादा बार रिपीट हो रहा है, तो उसका प्रभाव ज्यादा माना जाता है. उदाहरण के लिए 9 बार-बार आता है, तो साहस, नेतृत्व या आक्रामकता से जुड़ी ऊर्जा बढ़ सकती है.
जन्मतिथि से मिलान
अंकशास्त्र में मोबाइल नंबर को जन्मांक से जोड़कर भी देखा जाता है. अगर आपके जन्मांक और मोबाइल नंबर का कुल योग एक-दूसरे के अनुकूल हों, तो इसे शुभ माना जाता है. अगर विरोधी हों, तो संतुलन बनाने की सलाह दी जाती है.
क्या ये असल में असर दिखाता है?
दरअसल यह पूर्ण रूप से ज्योतीषीय मान्यताओं पर आधारित प्रणाली है. इसका वैज्ञानिक प्रमाण से कोई लेना-देना नहीं है. इसलिए इसे जीवन का अंतिम सत्य मानने के बजाए एक मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए.
अपना फोन नंबर बदलने से पहले भावनात्मक या अंधविश्वासी फैसले लेने के बजाए पूरी जानकारी समझना बेहद जरूरी है. न्यूमरोलॉजी के मुताबिक, ऊर्जा का संतुलन बेहद जरूरी है, लेकिन असली सफलता मेहनत और सही निर्णय से ही मिलती है.

