ना प्रेग्‍नेंसी-ना ही ब्रेस्‍ट फीड‍िंग, फ‍िर भी हो रहा Nipple Discharge; समझ लें हाे गई है ये बीमारी

aditisingh
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नई दिल्‍ली। आज के समय में ज्‍यादातर लोग क‍िसी न क‍िसी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके पीछे हमारी अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल ही ज‍िम्‍मेदार हैं। उन्‍हीं में से एक है नि‍प्‍पल ड‍िस्‍चार्ज। आमतौर पर ये तब होता है जब कोई मह‍िला प्रेग्‍नेंट होती है या फ‍िर ब्रेस्‍ट फीड‍िंग कराती है। उस दौरान ये द‍िक्‍कत होना आम है। लेक‍िन अगर आप न तो प्रेग्‍नेंट हैं और न ही ब्रेस्‍ट फीड‍िंग करा रहीं हैं, इसके बावजूद न‍िप्‍पल से फ्लूड न‍िकल रहा है, तो ये क‍िसी बीमारी का संकेत हो सकता है।

इसके पीछे कई कारण ज‍िम्‍मेदार हो सकते हैं। ज‍िसमें हार्मोनल चेंजेस और ब्रेस्ट टिश्यूज में बदलाव शाम‍िल है। आज हम आपको इसके बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं-

क्‍या होता है न‍िप्‍पल ड‍िस्‍चार्ज?

क्‍लीवलैंड क्‍लीन‍िक के मुताब‍िक, निप्पल से किसी तरह का फ्लूड निकलना निप्पल डिस्चार्ज कहलाता है। ये एक या दोनों ब्रेस्‍ट से हो सकता है। महिलाओं में प्रेग्‍नेंसी के आखिरी समय और बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ये आम माना जाता है। कई बार बिना प्रेग्‍नेंसी या ब्रेस्‍ट फीड‍िंग के भी महिलाओं में ये कुछ सामान्य कारणों से हो सकता है। लेकिन कुछ मामलों में ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। पुरुषों में निप्पल से ड‍िस्चार्ज होना सामान्य नहीं माना जाता है। इसलिए, किसी भी तरह का निप्पल डिस्चार्ज होने पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

क‍ितने तरह का होता है न‍िप्‍प्‍ल ड‍िस्चार्ज?

  • क्लियर डिस्चार्ज- इसे किसी गंभीर बीमारी का लक्षण नहीं माना जाता है। हालांक‍ि, कई मामलों में ये कैंसर का लक्षण भी हो सकता है।
  • खूनी डिस्चार्ज- अगर निप्पल से ब्‍लड आए तो आपको सावधान हो जाना चाह‍िए। ये पेपिलोमा का लक्षण है जो एक तरह का ट्यूमर होता है।
  • मिल्की डिस्चार्ज- ये नॉर्मल होता है। जब मह‍िलाएं ब्रेस्‍ट फीड‍िंग कराना बंद कर देती हैं तो ये द‍िक्‍कत कुछ समय तक आपको परेशान कर सकती है। हालांक‍ि, ये अपने आप ठीक हो जाती है।

क‍िस रंग का ड‍िस्‍चार्ज होता है नॉर्मल?

न‍िप्‍पल ड‍िस्‍चार्ज होने पर फ्लूड का रंग साफ, पीला, भूरा, हरा या सफेद हो तो ये सामान्‍य माना जाता है। वहीं दोनों ब्रेस्‍ट से ड‍िस्‍चार्ज होने, या उसे छूने और म‍िल्‍क डक्‍ट्स से ड‍िस्‍चार्ज होना सामान्‍य माना जाता है।

कब होता है खतरा?

ड‍िस्चार्ज होने पर फ्लूड के साथ खून मिला हो, या सिर्फ एक ब्रेस्‍ट से निकलता हो, ब‍िना छूने पर भी ये द‍िक्‍कत हो रही है तो आपके ल‍िए ये खतरे का संकेत हो सकता है। इसके अलावा ब्रेस्‍ट में दर्द, रेडनेस, सूजन या निप्पल में बदलाव हों तो भी आपको डॉक्‍टर से म‍िलना चाह‍िए। रंग से हमेशा सही कारण का पता नहीं चल पाता है। सफेद, साफ, पीला, भूरा रंग सामान्य भी हो सकता है और असामान्य भी। अगर गुलाबी या खून मिला डिस्चार्ज हो तो ये क‍िसी समस्या का संकेत होता है।

रंगों का कारण

  • पीला- क‍िसी इन्‍फेक्‍शन का संकेत
  • हरा-भूरा या काला- स्तन वाहिनी एक्टेसिया (Mammary Duct Ectasia) नाम की कंडीशन हो सकती है

निप्पल डिस्चार्ज के आम कारण

  • ज्‍यादातर मामलों में ये गंभीर नहीं होता है।
  • हार्मोन में बदलाव जैसे पीर‍ियड्स या मेनोपॉज
  • प्रेग्‍नेंसी
  • ब्रेस्‍ट फीड‍िंग
  • कॉन्‍ट्रासेप्‍ट‍िव प‍िल्‍स लेना
  • एंटीडिप्रेशेंट दवाएं
  • नॉन-कैंसरस सिस्ट
  • निप्पल को बार-बार छूना या कपड़ों से रगड़ लगना
  • सेक्‍स की इच्‍छा हाेना
  • ब्रेस्‍ट में चोट लगना
  • तनाव

क्‍या हैं इसके खतरनाक कारण

  • पैपिलोमा (नॉन-कैंसरस ट्यूमर)
  • ब्रेस्‍ट में इन्‍फेक्‍शन या पस बनना
  • स्तन वाहिनी एक्टेसिया
  • थायरॉयड की कमी (Hypothyroidism)
  • पिट्यूटरी ग्लैंड का ट्यूमर
  • ब्रेस्‍ट में गांठ जैसा महसूस होना
  • कई मामलों में कैंसर
  • स्तन का एक प्रकार का कैंसर ज‍िसे Paget’s Disease कहते हैं

ब्रेस्‍ट कैंसर से जुड़े डिस्चार्ज की कैसे करें पहचान?

  • साफ या खूनी डिस्चार्ज, जो सिर्फ एक ब्रेस्‍ट से आए
  • साथ में गांठ महसूस होना
  • हालांकि, कैंसर के कारण निप्पल डिस्चार्ज होना बहुत कम होता है।

क्या तनाव से निप्पल डिस्चार्ज हो सकता है?

क्‍लीवलैंड क्‍लीन‍िक के मुताब‍िक, तनाव लेने से प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ता है, जो दूध बनने के लिए ज‍िम्मेदार है और इससे डिस्चार्ज हो सकता है।

कब बन जाता है चिंता का कारण?

  • आप पुरुष हैं
  • डिस्चार्ज खूनी है
  • सिर्फ एक निप्पल से आता है
  • बिना छुए निकलता है
  • साथ में गांठ, दर्द या अन्य लक्षण हों

डॉक्टर से कब म‍िलें?

  • अगर डिस्चार्ज कई हफ्तों से बना हो
  • सिर्फ एक स्तन से आता हो
  • बिना छुए निकलता है
  • गुलाबी या खून मिला फ्लूड हो
  • पुरुष में हो रहा है
  • 40 साल से ज्‍यादा उम्र की महिला में हो रहा है
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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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