Ngo Duped Of Rs 1.31 Crore In The Name Of Providing Csr Funds – Lucknow News

Aman Shanti In
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विशालखंड निवासी बृजेश तिवारी ने बताया कि उनकी संस्था टेक्सटाइल मंत्रालय में पंजीकृत है। संस्था 2010 से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है। सितंबर में जाैनपुर बदलापुर निवासी अमरीष मिश्रा ने फोन कर सीएसआर फंड से करोड़ों रुपये दिलाने का वादा किया।

इसके बाद, 14 सितंबर को वह साथी मो. मास व डीपी यादव के साथ बुद्धेश्वर चाैराहे पर मिलने आया। उन्होंने बड़ी कंपनियों व शासन में ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए सीएसआर फंड की कुल राशि पर 10 फीसद कंसल्टेंसी शुल्क मांगा। इसके बाद संस्था के खातों की जानकारी, चेकबुक, पासबुक, यूजर आईडी व पासवर्ड ले लिए। जालसाजों ने कुछ दिन लखनऊ में रुककर काम करने की बात कही और कई बैंक खाते खोले।

महंगे होटलों में ठहरे थे आरोपी


बृजेश के अनुसार, आरोपी कुर्सी रोड स्थित आरआर पैलेस और विभूतिखंड स्थित महंगे होटल में ठहरे थे। 15 से 19 सितंबर के बीच उन्होंने संस्था के बैंक खातों से 1.31 करोड़ रुपये उड़ा दिए और फिर भाग गए। थाने में शिकायत के बावजूद मामला दर्ज न होने पर कोर्ट की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश पर अमरीष मिश्रा, डीपी यादव, राज पांडेय और मो. मास के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। पीड़ित से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं।



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