India vs US Lifestyle: सोचिए, आपके बैंक अकाउंट में हर साल करीब तीन करोड़ रुपए आते हों, घर कर्ज़ से मुक्त हो, करियर शानदार हो और फिर भी आप सब कुछ छोड़कर अपने देश लौटने का फैसला करें. सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन यह हकीकत है. एक NRI ने अमेरिका में उच्च वेतन और स्थिर जीवन छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया है. वह अपने बच्चों की परवरिश भारत में करना चाहता है और माता-पिता के करीब रहना चाहता है.
36 साल के NRI ने अमेरिका में लगभग 12 साल बिताने के बाद 2.9 करोड़ रुपये सालाना की सैलरी और कर्ज़ मुक्त घर छोड़कर अपने परिवार के साथ भारत लौटने का फैसला किया. उनका कहना है कि उनका असली मकसद बच्चों को दादा-दादी और कज़न्स के साथ बड़े होते देखना है. इस परिवार ने नवी मुंबई में बसने की तैयारी शुरू कर दी है.
2.9 करोड़ सैलरी छोड़ने का फैसला क्यों?
NRI ने Reddit पर लिखा, ”हमने अपने पांच लोगों के परिवार को इस जून में वापस नवी मुंबई शिफ्ट करने का फैसला किया. US में हमारी सालाना इनकम Rs 2.9 करोड़ ($320,000) है और नेट वर्थ Rs 9.06 करोड़ ($1 मिलियन), साथ ही घर भी बिना कर्ज़ के है. लेकिन माता-पिता हैदराबाद में हैं और हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे उनके पास बड़े हों. पैसा सब कुछ नहीं होता.”
इंडिया में मिला 1.5 करोड़ पैकेज
भारत में उन्हें 1.5 करोड़ रुपये सालाना का जॉब ऑफर मिला है, जिसमें इक्विटी भी शामिल है. सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि नवी मुंबई या मुंबई में 1.5 करोड़ रुपये की सैलरी आरामदायक जीवन दे सकती है. घरेलू खर्च कम, घरेलू मदद उपलब्ध और परिवारिक सपोर्ट मजबूत होने की वजह से वे 50% तक बचत भी कर सकते हैं.
बच्चों के लिए इंडिया या US?
यूज़र्स ने पूछा कि US में जन्मे बच्चों के लिए इंडिया का स्कूल सिस्टम और लाइफस्टाइल कैसा रहेगा. कुछ का मानना है कि भारत में संस्कार, परिवारिक जुड़ाव और सांस्कृतिक जड़ें मजबूत मिलती हैं. वहीं, कुछ का कहना है कि US का सिस्टम ज्यादा स्ट्रक्चर्ड और ग्लोबल एक्सपोज़र देता है. अंतिम फैसला माता-पिता की प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है.
क्या यह नया ट्रेंड बन रहा है?
ज़्यादातर लोगों ने इस फैसले की तारीफ की. किसी ने लिखा, “सही-गलत आपकी प्रायोरिटी पर निर्भर करता है.” दूसरे ने कहा, “1.5 करोड़ इंडिया पैकेज और 1 मिलियन डॉलर की सेविंग्स के साथ आपकी लाइफ शानदार होगी.” कई लोग इसे “Family First” का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं.
हाल के वर्षों में कई एनआरआई भारत लौटने पर विचार कर रहे हैं. कारण अलग-अलग हो सकते हैं-परिवार, संस्कृति, सुरक्षित भविष्य या वर्क-लाइफ बैलेंस. किसी के लिए 2.9 करोड़ रुपये सालाना सबसे बड़ा लक्ष्य हो सकता है, तो किसी के लिए बच्चों का दादा-दादी के साथ बचपन.

