Ola Electric Sales Crash: फरवरी 2026 में बिक्री 47% गिरी, 4 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची कंपनी

aditisingh
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फरवरी 2026 में Ola Electric की बिक्री 47% गिरकर सिर्फ 3,968 यूनिट रह गई, जो चार साल का सबसे निचला स्तर है. कभी ई-स्कूटर बाजार की लीडर रही कंपनी अब टॉप-5 से भी बाहर हो गई है. गिरते मार्केट शेयर, शेयर प्राइस में भारी गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.

एक समय थी बेताज बादशाह! अब एक-एक कस्टमर को तरस रही ये कंपनीZoom

Ola Electric

Ola की मुश्किलें घटने का नाम नहीं ले रही हैं. भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक की फरवरी 2026 में बिक्री भारी गिरावट के साथ चार साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है. सरकारी वाहन पोर्टल वाहन (VAHAN) के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने इस महीने सिर्फ 3,968 यूनिट इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की रिटेल सेल दर्ज की. ये आंकड़ा जनवरी 2026 के 7,516 यूनिट्स से करीब 47 प्रतिशत कम है. फरवरी 2022 में कंपनी ने 3,910 यूनिट्स बेचे थे, जिसके बाद ये सबसे कम मासिक बिक्री है.

एक समय ओला इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की बेताज बादशाह थी. मार्च 2024 में उसने 53,646 यूनिट्स का पीक रिकॉर्ड बनाया था और कई महीनों में 30,000-40,000 यूनिट्स की बिक्री करती रही थी. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है. कंपनी का मार्केट शेयर घटकर मात्र 3.7 प्रतिशत रह गया है और वह टॉप-5 कंपनियों की सूची से बाहर हो गई. ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (एम्पियर ब्रांड) ने 4,725 यूनिट्स बेचकर ओला को पछाड़ दिया और पांचवें स्थान पर कब्जा कर लिया है.

टीवीएस का जलवा कायम!

इस दौरान कुल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार भी 9 प्रतिशत सिकुड़कर लगभग 1.01 लाख यूनिट्स पर आ गई. टीवीएस मोटर कंपनी ने 29.4 प्रतिशत शेयर के साथ लीडरशिप बरकरार रखी. बजाज ऑटो दूसरे स्थान पर रही, जबकि एथर एनर्जी ने 20,585 यूनिट्स (19.1 प्रतिशत शेयर) और हीरो मोटोकॉर्प ने 12,516 यूनिट्स की मजबूत बिक्री दर्ज की.

बिक्री में आई इस भारी गिरावट का सीधा असर ओला इलेक्ट्रिक के शेयर पर पड़ा. सोमवार को कंपनी के शेयर रिकॉर्ड लो लेवल ₹21.21 पर पहुंच गए, जो एक दिन में 16 प्रतिशत की गिरावट है. स्टॉक अपने पीक से करीब 86 प्रतिशत नीचे है और मार्केट कैप लगभग ₹10,500 करोड़ रह गया है. निवेशक भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है.

स्ट्रक्चरल रिसेट कर रही कंपनी

कंपनी फिलहाल ‘स्ट्रक्चरल रिसेट’ की प्रक्रिया चला रही है. रिटेल स्टोर नेटवर्क को 700 से घटाकर मार्च के अंत तक 550 तक करने की योजना है. तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में राजस्व 55 प्रतिशत गिरकर ₹470 करोड़ रह गया, जबकि नेट लॉस ₹487 करोड़ रहा (पिछले साल से कम) हो गया है. ओला लागत में 50 प्रतिशत तक कटौती कर रही है. साथ ही स्कूटर्स के अलावा ‘शक्ति’ नाम का रेसिडेंशियल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लॉन्च करके डाइवर्सिफिकेशन की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं.

आगे क्या होगा?

विश्लेषकों का मानना है कि सर्विस नेटवर्क की पुरानी समस्याएं, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कंज्यूमर ट्रस्ट में कमी मुख्य वजहें हैं. हालांकि कंपनी के फाउंडर भाविश अग्रवाल का कहना है कि ये अस्थायी दौर है और लंबे समय में ओला मजबूत वापसी करेगी. फिलहाल चुनौतियां बनी हुई हैं और बाजार में ओला की एक बार फिर से लीडर बनने की राह कठिन नजर आ रही है.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.