March Pradosh Vrat 2026: वैसे तो हर माह में दो प्रदोष व्रत आते हैं लेकिन इस साल मार्च 2026 में 3 प्रदोष व्रत का बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है. मार्च में एक रवि प्रदोष व्रत तो वहीं दो सोम प्रदोष व्रत आएंगे. इनकी तारीख और मुहूर्त देखें-
मार्च 2026 में 3 प्रदोष व्रत का संयोग
1 मार्च 2026 – रवि प्रदोष व्रत
- तिथि – फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी को रात 8.43 से शुरू होगी और 1 मार्च 2026 को रात 07.9 पर समाप्त होगी.
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त – शाम 5.52 – रात 7.09
- महत्व – रोगों से मुक्ति और ऊर्जा की वृद्धि. सामाजिक प्रतिष्ठा और पद में उन्नति.
16 मार्च 2026 – सोम प्रदोष व्रत
- तिथि – चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 मार्च 2026 को सुबह 9.40 पर शुरू होगी और समाप्त 17 मार्च को सुबह 9.23 पर होगी.
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त – शाम 5.58 – रात 8.22
- महत्व – विवाह, संतान और सुख-समृद्धि के लिए विशेष फलदायी.सोमवार का संबंध चंद्रमा से है, इसलिए सोम प्रदोष व्रत मानसिक तनाव और चंद्र दोष में लाभकारी.
30 मार्च 2026 – सोम प्रदोष व्रत
- तिथि – चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 मार्च 2026 को सुबह 7.09 मिनट पर आरंभ होगी और इसका समापन 31 मार्च 2026 को सुबह 6.55 पर होगा.
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त – शाम 6.03 – रात 8.23
- महत्व – सोम प्रदोष व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है.
शिव पुराण में प्रदोष व्रत का महत्व
त्रयोदश्यां तु सायाह्ने प्रदोषः परिकीर्तितः।
तस्मिन्काले महादेवं पूजयेत् श्रद्धयान्वितः॥
अर्थ – त्रयोदशी की संध्या को प्रदोष कहा गया है. उस समय श्रद्धा से महादेव की पूजा करनी चाहिए. यह समय दिन और रात्रि के संधिकाल का प्रतीक है, जो साधना के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है. इस दौरान की गई शिव पूजा से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं. संतान, सुख-समृद्धि और आयु की वृद्धि होती है.
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